सफीपुर(उन्नाव)। कोरोना पॉजिटिव बहनोई का इलाज कराने में उसके संपर्क में आए पीआरवी के हेडकांस्टेबल को क्वारंटीन किए जाने के बाद अब पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। सफीपुर कोतवाली की बैरकों में रह रहे 18 सिपाहियों में 12 को लोकनिर्माण के प्रेक्षागृह में सोशल डिस्टेंसिंग में रहने के निर्देश दिए गए हैं। शेष 6 सिपाहियों को उनके बैरक में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सफीपुर क्षेत्र में तैनात पीआरवी चालक हेडकांस्टेबल इटावा निवासी बहनोई का कानपुर में इलाज करा रहा था। बहनोई के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद कानपुर में ही हेडकांस्टेबल को क्वारंटीन कर दिया गया था। हेडकांस्टेबल को क्वारंटीन किए जाने की सूचना मिलते ही एसपी ने लॉकडाउन का उल्लंघन कर बिना अनुमति उन्नाव से कानपुर जाने के आरोप में हेडकांस्टेबल को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी। इतना ही नहीं उस पीआरवी को भी सैनिटाइज कराया गया जिसका हेडकांस्टेबल चालक था।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने बुधवार को कोतवाली सफीपुर पहुंचकर होमगार्ड से सीओ सफीपुर एमपी शर्मा तक की थर्मल स्क्रीनिंग की। कोतवाली के पुलिस कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए गुरुवार को सीओ ने ठोस कदम उठाए हैं। कोतवाली के बैरक में रह रहे 18 पुलिस कर्मियों में 12 को लोक निर्माण के प्रेक्षागृह में रखा गया है। वहीं, अन्य को उनके बैरक में सोशल डिस्टेंसिंग में रहने के लिए कहा गया है।