असोहा/चकलवंशी। असोहा व सफीपुर विकासखंडों की तीन ग्राम पंचायतों में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दिए गए। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद अब सीडीओ ने अपात्रों को जारी हुई धनराशि की रिकवरी और जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
असोहा ब्लाक की ग्राम पंचायत बिलौरा में पिछले वित्तीय वर्ष में 25 लोहिया और 54 प्रधानमंत्री आवास और इस बार 30 ग्रामीण आवास दिए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर डीडीओ चित्रसेन सिंह व डीसी मनरेगा शेषमणि सिंह ने 15 सितंबर को गांव पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। जांच के दौरान पता चला कि वर्ष 2016-17 में कुल 54 आवासों में 35 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये प्रति आवास जारी किए गए थे। जांच में इसमें से 13 अपात्र पाए गए। इसी प्रकार 15 अन्य भी अपात्र मिले लेकिन इन्हें किश्त नहीं जारी हो पाई। शिकायतकर्ताओं द्वारा बताए गए पांच नामों में से चार अपात्र पाए गए। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ टीके शिबू ने अपात्रों को जारी हुई पहली किस्त की वसूली और पंचायत सचिव, सेक्टर प्रभारी, बीडीओ पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। चार्ज संबंधी प्रकरण में एडीओ पंचायत व बीडीओ पर कार्रवाई करने को कहा है।
इसी प्रकार असोहा की ग्राम पंचायत मनिकापुर में सचिव रवि शर्मा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय ब्लाकस्तरीय टीम ने वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 के 46 प्रधानमंत्री आवासों के लाभार्थियों की जांच की। जांच अधिकारियों ने लाभार्थियों के दरवाजे जाकर स्थिति का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सेवक पर धांधली का आरोप लगाया। बताया कि रोजगार सेवक के भाई को आवास दिया गया। इससे पूर्व भी इनके परिवार को दो आवास मिल चुके हैं। फिर भी एक और आवास आवंटित किया गया। जांच टीम में वीडीओ योगेंद्र बाजपेई, सर्वेश दीक्षित, रामदुलारे, शशांक यादव, रणंजय सिंह, साजिद रिजवी और अभय मौजूद रहे। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही है।
उधर सफीपुर क्षेत्र के पावा निवासी रामप्रताप पुत्र श्रीकृष्ण की शिकायत पर बीडीओ ने जेई राजकिशोर से आवासों और तालाब के सौंदर्यीकरण की जांच कराई। आवासों की जांच में पता चला कि लाभार्थी संदीप पुत्र मंगल, गुरुप्रसाद पुत्र गुमानी एवं रामश्री पत्नी राधेश्याम को पहले आवास मिल चुके हैं। मिलीभगत के जरिये इन्होंने दोबारा आवास प्राप्त कर लिया है जिसकी एक किस्त भी इन्हें मिल चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर बीडीओ ने सचिव को अपात्रों से पहली किस्त की रिकवरी कराने के आदेश दिए। गांव के गड़हा तालाब को सौंदर्यीकरण के लिये वर्ष 2007 में 3.61 लाख, 2009 में 2.72 लाख और 2010 में 2.16 लाख रुपये का आवंटन किया गया था। इसमें सड़क से सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, बेंच, कटीले तार व पौधरोपण किया जाना था। जांच में सीसी रोड, कटीले तार व बाउंड्रीवाल नहीं मिली।
तीन गांवों में अपात्रों को दिए गए प्रधानमंत्री आवास
असोहा की बिलौरा व सफीपुर की पावा ग्राम पंचायतों में अपात्रों को आवास की पुष्टि
सीडीओ ने अपात्रों से रिकवरी कराने और जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो