डीएपी के पांच नमूने फेल, दुकानदारों को नोटिस
उन्नाव। कृषि विभाग की ओर से लिए गए खाद के नमूनों में डीएपी के पांच नमूने फेल हो गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद विभाग ने सभी दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
शासन की ओर से कृषि विभाग को रबी और खरीफ सीजन में 190 खाद (डीएपी व यूरिया) के नमूने लेने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग की ओर से 64 नमूने लिए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया था। अब इनकी जांच रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में डीएपी के पांच नमूने फेल आए हैं। बताया गया कि जो नमूने फेल आए, उनमें अन्य वस्तु को मिलाकर बेचने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर डीएपी बेचने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी अतींद्र सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पांचों दुकानदारों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर दुकानदारों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
दोबारा लाइसेंस बनवाना नहीं होगा आसान
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगर दुकानदार का खाद लाइसेंस निरस्त होता है तो दोबारा बन पाना आसान नहीं होगा। अब खाद लाइसेंस के लिए बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में पुराने दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त होने पर उन्हें दोबारा बनवाने के लिए अनिवार्य डिग्री लगानी पड़ेगी। जानकारों की मानें तो पुराने जारी खाद लाइसेंसधारकों में अधिकांश के पास बीएससी कृषि की डिग्री नहीं है। ऐसे में यदि पुराना लाइसेंस निरस्त होगा तो दोबारा बनवाने पर नई प्रक्रिया का पालन करना होगा।
- पूर्व में कृषि विभाग की ओर से लिए गए थे नमूने,संतोषजनक उत्तर न मिलने पर निरस्त होगा लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो