बिना कनेक्शन के बिल जारी करने पर जुर्माना
उन्नाव। बिना कनेक्शन और विद्युत उपभोग के उपभोक्ता को बिल जारी करने पर उपभोक्ता फोरम ने विभाग पर जुर्माना ठोंका है। फोरम अध्यक्ष ने पीड़ित को 7500 रुपये अदा करने के आदेश बिजली विभाग को दिए हैं। इसके अलावा पुराने भेजे गए सभी बिलों को निरस्त करने के लिए कहा है।
सदर तहसील के कोरारीकला ग्राम शिवबक्सखेड़ा निवासी नरेशचंद्र ने 9 मई 2000 को घरेलू कनेक्शन के लिए 400 रुपये जमा कर आवेदन किया था। इसके बाद सालोें बीत गए लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया। 27 जनवरी 2016 को बिजली विभाग की ओर से 60763 रुपये का बिल भेजा गया। बिना बिजली कनेक्शन के बिल आया देख नरेश के पैरों तले जमीन खिसक गई।
वह मामले को लेकर विभाग के एक्सईएन प्रथम से मिले। उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद 21 फरवरी 2016 को विभागीय कर्मचारी ने घर पहुंचकर कनेक्शन कर दिया। कर्मचारी ने उनसे यह कहकर कि विभाग में बिल में छूट आई है, रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 1000 रुपये जमा करा लिए। 24 जुलाई 16 को तहसील के अमीन ने बताया कि उसके खिलाफ 62 हजार रुपये का वसूली प्रमाणपत्र विभाग की ओर से भेजा गया है। जब वह विभागीय अधिकारी से मिले तो गलती से वसूली प्रमाणपत्र जारी होने की बात कही गई। कहा कि यदि वह 10 प्रतिशत पैसा तहसील में जमा कर दें तो वसूली प्रमाणपत्र वापस ले लिया जाएगा। इससे परेशान होकर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। फोरम की ओर से विभाग को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने इसका जवाब नहीं दिया।
इस पर फोरम अध्यक्ष मतांबर सिंह व सदस्य अशोक कुमार सिंह ने बिजली विभाग पर अर्थदंड लगाते हुए पीड़ित को शारीरिक कष्ट के लिए 5000 और वाद व्यय के रूप में 2500 रुपये देने के आदेश दिए। वहीं 60763 रुपये और 21 फरवरी 16 से पूर्व भेजे गए सभी बिल निरस्त करने के लिए कहा है।
-उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित को 7500 रुपये देने के दिए आदेश, पुराने भेजे गए सभी बिल होंगे निरस्त, उपभोक्ता को मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो