चौहरे हत्याकांड में परिजनों से उनके घर पहुंच कर बात करतीं डीएम सौम्या
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बसपा महासचिव ने मौरावां के चौहरे हत्याकांड में सीएम को पत्र लिखकर डीएम के घटनास्थल पर न पहुंचने और सीबीआई जांच की मांग की थी। वारदात के 11 दिन बाद रविवार दोपहर डीएम ने मौरावां के चौधरिनटोला स्थित पीड़ित के घर पहुंचक र परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।
चार मई को मौरावां कस्बा के चौधरिन टोला निवासी अनिवासी भारतीय मनोज की पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर दी गई थी। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने पड़ोस के अनिल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। खुलासे पर संदेह जताते हुए परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग कर लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया था। राजनीतिक संगठनों ने भी खुलासे के विरोध में सीबीआई जांच की मांग की।
क्षेत्रीय बसपा विधानसभा प्रभारी अनिल सिंह ने मामले को बसपा मुखिया मायावती तक पहुंचाया। बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखकर डीएम के मौके पर न पहुंचने व सीबीआई की जांच कराने संबंधी कई बिंदुओं को रखकर न्याय की मांग की। रविवार को डीएम सौम्या अग्रवाल पीड़ित मनोज के घर चौधरिनटोला पहुंची। यहां पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कृषक दुर्घटना बीमा योजना से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुख्यमंत्री राहत कोष से दिलाने का भरोसा दिलाया । डीएम ने कहा कि पुलिस की जांच सही दिशा में चल रही है।
मनोज के पुत्र ने खुद को असुरक्षित बताया। इस पर डीएम ने कहा कि आप लोग शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करें, दो लाइसेंस मुहैया कराए जाएंगे। तहसीलदार मंसूब अहमद, नायब तहसीलदार विवेक मिश्र व राजस्व कर्मियों की टीम के साथ डीएम ने घटना की जांच की। वह परिजनों के बीच दस मिनट रुककर वह लौट गईं।