उन्नाव। पाक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा सुनाई। 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र एक गांव निवासी पिता ने 15 मार्च 2016 को नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट असोहा थानाक्षेत्र के पाठकपुर में रहने वाले होरीलाल, शांति देवी, लक्ष्मी देवी व संतराम पर दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ की तो एक और का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने किशोरी को छह अप्रैल 2016 को हसनगंज से खोज निकाला। पुलिस को दिए गए बयान में किशोरी ने बताया कि उसे सीतापुर के थाना संदाना गांव रामपुर भटिया निवासी केशरी अपने साथ ले गया था। पुलिस ने किशोरी का न्यायालय में बयान कराया, जिसमें उसने केशरी पर मंदिर में जबरन शादी करने और लखनऊ में रहने वाली अपनी बहन के घर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
मुकदमे की विवेचना कर रहे तत्कालीन एसएचओ हसनगंज मनोज कुमार मिश्रा ने पूर्व में नामजद चारों आरोपियों के नाम हटाकर केशरी का नाम शामिल करते हुए पाक्सो सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद तीन जून 2016 को केशरी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। लंबे समय मुकदमा पाक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय कोर्ट नंबर 12 में विचाराधीन था। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। सरकारी वकील की ओर से पेश की गईं दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर केशरी के दोषी साबित होने पर न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने उसे 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई।