आपके घर की पहचान अब यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर से होगी। नगर निगम और पालिका परिषद यह नंबर देंगे और इसके आधार पर ही हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, सीवर टैक्स या फिर घर का म्यूटेशन कराया जा सकेगा।
यही नहीं, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में भी आगे चलकर इसकी जरूरत पड़ेगी। पहले चरण में प्रदेश के 13 नगर निगमों और 39 पालिका परिषदों में यह व्यवस्था लागू होगी। स्थानीय निकाय निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश भेज दिया है।
यूनिक आईडी नंबर जारी करने का मकसद
प्रदेश में मौजूदा समय 630 निकाय हैं। इसमें 13 नगर निगम, 194 पालिका परिषद और 423 नगर पंचायतें हैं। निकायों के मुख्य आय का स्रोत हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स है। इसके बाद भी निकायों में इसकी शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पा रही है।
इसके पीछे निकाय अधिकारी ही नहीं मकान मालिक भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। इसलिए स्थानीय निकाय निदेशालय चाहता है कि मकानों का यूनिक आईडी नंबर जारी कर दिया जाए, ताकि इससे यह पहचान हो सके कि कितने लोग हाउस टैक्स जमा कर रहे हैं।
यूनिक आईडी नंबर नगर निगम और पालिका परिषद जारी करेंगे। यह नंबर उसे ही दिया जाएगा जो हाउस टैक्स जमा करेगा। इस नंबर के बिना निकाय से जुड़े काम नहीं हो सकेंगे।
मसलन मकान का म्यूटेशन यानी किसी दूसरे के नाम पर नामांतरण नहीं कराया जा सकेगा। आगे चलकर इस नंबर के बिना जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाएंगे, लेकिन पहले चरण में इसकी अनिवार्यता नहीं रहेगी।
स्थानीय निकाय निदेशालय चाहता है कि निकाय यूनिक आईडी नंबर देने की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू कर दे।
यहां लागू करने की तैयारी
आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी, मुरादाबाद, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर और गाजियाबाद नगर निगम।
संभल, अमरोहा, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, मथुरा, फर्रुखाबाद, मिर्जापुर, सीतापुर, फैजाबाद, गोंडा, जौनपुर, रामपुर, बिजनौर, बड़ौत, पिलखुआ, खुर्जा, सिकंदराबाद, बादयूं, पीलीभीत, हाथरस, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, इटावा, ललितपुर, रायबरेली, उन्नाव, टांडा, बाराबंकी, बहराइच, बस्ती, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, मुगलसराय और जौनपुर पालिका परिषद में लागू करने की है तैयारी।