राजधानी से दिल्ली जाने वाली स्वर्ण शताब्दी में यात्रियों को अब वाईफाई नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। सफर के दौरान वे बिना किसी रुकावट के इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
पावर केबिन पर लगी डिश सैटेलाइट से कनेक्ट होगी जो ट्रेन में एकसाथ 250 यात्रियों को इस सुविधा का लाभ देगी। जरूरत पड़ने पर इसकी क्षमता बढ़ाई भी जा सकेगी।
इसके अलावा दिल्ली से लखनऊ होकर गुवाहाटी तक जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस में भी इस सुविधा को शुरू किया जाएगा।
दिल्ली-हावड़ा के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस के बाद रेलवे बोर्ड ने आरडीएसओ को लखनऊ से गुजरने वाली राजधानी और स्वर्ण शताब्दी जैसी वीवीआईपी ट्रेनों में वाईफाई नेटवर्क लगाने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, जिन ट्रेनों को इस सुविधा से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है, उसे पूरा करने में आठ से दस महीने लग सकते हैं।
अफसरों के मुताबिक दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में यह सुविधा एक माह पहले ही शुरू की गई है। ट्रेन के पावर वैन की छत को काटकर वाईफाई के लिए डिश लगाई गई है।
डिश से जुड़े तार सभी कोचों में पहुंचाए गए। डिश सैटेलाइट से कनेक्ट होगी और यात्रियों को 2 एमबीपीएस की स्पीड आसानी से मिल सकेगी।
अफसरों का मानना है कि राजधानी और स्वर्ण शताब्दी जैसी ट्रेनों में 20 से 25 प्रतिशत यात्री लैपटॉप लेकर चलते हैं। इनमें सफर के दौरान दो से तीन घंटे इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की संख्या पांच प्रतिशत ही है।
अभी मुफ्त में मिलेगी सुविधा
योजना के शुरुआती चरण में यात्रियों को इंटरनेट सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। आरडीएसओ अधिकारियों ने बताया कि जिन ट्रेनों में यह सुविधा दी जा रही है, उनसे किसी प्रकार का पैसा रेलवे नहीं लेगा।
हालांकि, उन्होंने भविष्य में शुल्क लेने का फैसला रेलवे बोर्ड द्वारा ही तय करने की संभावना जताई है।
दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली राजधानी में वाईफाई की सफलता के बाद अन्य 50 ट्रेनों में यह सुविधा यात्रियों को दी जाएगी। इस पर संगठन ने काम शुरू कर दिया है। जरूरत पड़ने पर 2 एमबीपीएस की स्पीड को दोगुना तक किया जा सकता है।
- एके माथुर, कार्यकारी निदेशक, आरडीएसओ, लखनऊ