सुल्तानपुर। बिना अनुमति होली मिलन समारोह आयोजित कर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप से जुड़े सात साल पुराने मामले में जमानती वारंट पर चल रही जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने बुधवार को एफटीसी-सीनियर डिवीजन/एसीजेएम भाव्या श्रीवास्तव की अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनकी तरफ से प्रस्तुत की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानतनामा व निजी मुचलका पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया। दोपहर दो से शाम चार बजे तक वह कोर्ट कस्टडी में रहीं। उनके समर्थकों की भीड़ कोर्ट परिसर में जुटी रही।
विधानसभा इसौली क्षेत्र में तैनात तत्कालीन उड़नदस्ता प्रभारी सुशील कुमार ने 24 मार्च 2019 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके आरोप के मुताबिक वह क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे, इसी दौरान उन्हें पता चला कि गनापुर निवासी जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने अपने घर पर होली मिलन समारोह का आयोजन कर काफी भीड़ इकट्ठा की थी। आरोप के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली थी। तत्कालीन उड़नदस्ता प्रभारी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के अपराध को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फिलहाल कोर्ट से जारी वारंट की सूचना मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत अर्जी पेश करना ही मुनासिब समझा। उन्हें कोर्ट से राहत मिल गई।