शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म दिवस पर रविवार को विभिन्न संगठनों ने शहर के जिला पंचायत परिसर में स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्घांजलि दी। इसके अलावा भी शहर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। आजाद समाज सेवा समिति के तत्वावधान में भगत सिंह के जन्म दिवस पर शहर में प्रभातफेरी निकालकर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया।
इसके बाद हुई गोष्ठी को संबोधित करते हुए समिति के उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश ने कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह का जन्म एक क्रांतिकारी परिवार में हुआ था, जहां उन्हें बचपन से ही भारतमाता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने की प्रेरणा मिली थी। सचिव दिलीप सिंह ने कहा कि भगत सिंह का मकसद हिंसा व किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि देश की जनता को आजादी के लिए जगाना था।
उन्होंने गरीबी, भुखमरी, भ्रष्टाचार, असमानता से मुक्त आजाद भारत की कल्पना की थी। एसएफआई के जिला कार्यालय पर हुई गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि भारत की आजादी में क्रांतिकारी व वैज्ञानिक चेतना पैदा करने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचारों की आज के युवाओं को सख्त जरूरत है। गोष्ठी को जिला सचिव प्रशांत द्विवेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष बृजेंद्रनाथ तिवारी समेत कई लोगों ने संबोधित किया।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह के 108वें जन्म दिवस पर कारगिल शहीद मानसिंह यादव स्मारक समिति के तत्वावधान में जिला पंचायत परिसर में स्थित शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में समिति के कुलदीप यादव ने कहा कि भगत सिंह एक व्यक्ति नहीं विचार थे। उन्होंने मात्र 23 साल की उम्र में समाजवाद को भारत में स्थापित करने का सपना देखा था। समिति की संरक्षक विद्यावती देवी ने कहा कि हमें जाति धर्म से ऊपर उठकर शहीदों के दिखाए रास्ते पर चलना होगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्घांजलि दी। इस मौके पर जिला संयोजक सौरभेंद्र प्रताप सिंह, अंशुमान त्रिपाठी, गौरव अग्रहरि मौजूद रहे।