मौसम की बेरुखी से क्षेत्र के किसान तबाही की कगार पर पहुंच गए हैं। बारिश नहीं होने से किसान गाढ़ी कमाई से बोई गई धान की फसल बिना तैयार हुए ही काटने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन से लेकर राजस्व विभाग तक भले ही सूखा नहीं होने की कहानी गढ़ रहा है लेकिन इलाके में जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है।
करौंदीकलां ब्लॉक के नरायनपुर, परशुरामपुर, बौढ़ियाबालमऊ, पहाड़पुरकलां, मगरसनकलां, मेवपुर, बांगरखुर्द समेत तकरीबन 50 गांवों के लोग सूखे से बुरी तरह प्रभावित हैं। बारिश नहीं होने से किसानों की धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जा रही है। खेतों से नमी गायब हो जाने से धान की फसल सूख जा रही है।
फसल की बर्बादी देख हताशा में जी रहे किसान मजबूरन धान की फसल बिना तैयार हुए ही काटकर पशुओं को चारे के रूप में खिला दे रहे हैं। सूखे की मार झेल रहे किसानों की परेशानी खराब पड़े राजकीय नलकूप और बिजली संकट ने और बढ़ा दिया है। इलाके के कई राजकीय नलकूप ठप पड़े हैं। इससे किसान फसलों की सिंचाई करने के लिए परेशान हैं। बिजली की हो रही अघोषित कटौती ने किसानों की परेशानी में इजाफा कर दिया है।