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हड़ताल से बाधित रहे कार्य, 52 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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सुल्तानपुर। श्रमिक संगठनों की देश व्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर रहा। हड़ताल से बैंक, डाकखाना, दूर संचार निगम, बीमा कंपनियों रिप्रजेंटेटिव, विद्युत समेत अन्य संस्थानों के दरवाजे बंद रहे।
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दिन भर उन पर ताला लटकता रहा। सरकार के विरोध में श्रमिक संगठनों ने संस्थानों के सामने प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। हड़ताल से जिले में दिन भर उपभोक्ता परेशान रहे। करीब 52 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ट्रेड यूनियनों की देश व्यापी हड़ताल के समर्थन में बुधवार को डाकखाना बंद रहा। कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने बैनर लगाकर हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए।
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जुलूस की शक्ल में पहुंचे कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने हड़ताली कर्मचारियों व अधिकारियों का समर्थन करते हुए उनके धरने में हिस्सा लिया। दूरसंचार संघ के पदाधिकारियों ने संघ के महामंत्री एचएस मिश्रा की अगुवाई में कार्यालय परिसर में ताला बंद करके प्रदर्शन किया।
अन्य संस्थानों में पहुंचकर हड़ताली साथियों की हौसलाअफजाई की। सुपर मार्केट स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। कार्यालय में ताला बंद करके कर्मचारियों ने परिसर में धरना देते हुए प्रदर्शन किया। शाखा कर्मचारी अध्यक्ष इंद्रदेव पाठक के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध जताया।
अन्य बीमा कंपनियों के लोग भी हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से दिनभर कामकाज प्रभावित रहा। ट्रेड यूनियनों की हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर अन्य सभी बैंकों ने हिस्सा लिया। बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।
हड़ताल से बैंकों में दिन भर ताला लटकता रहा। कर्मचारियों ने बैंक गेट पर प्रदर्शन करते हुए मांगों को लेकर सरकार का विरोध जताया। हड़ताल से बैंकों का कामकाज दिन भर प्रभावित रहा। उपभोक्ता लेन-देन को लेकर परेशान रहे।
बैंक कर्मचारियों के मुताबिक हड़ताल से बैंक, बीमा कंपनियों समेत अन्य संस्थानों को मिलाकर करीब 52 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसका असर बाजार पर भी पड़ा है। हड़ताल में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर संघ), विद्युत वितरण समेत अन्य संस्थान शामिल रहे। एमआर संघ ने विभिन्न विभागों में चल रहे धरने का मौके पर पहुंचकर समर्थन किया।
धरने के बाद सीटू संयोजक अशोक शुक्ल की अगुवाई में जुलूस की शक्ल में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया। हड़ताली कर्मचारियों एवं श्रमिक संघों को संबोधित करते हुए सीटू संयोजक अशोक शुक्ल ने कहा कि दवाओं से जीएसटी हटाई जाय।
सरकारी सेक्टर को कई चक्र की वार्ता के बाद भी सरकार निजी हाथों बेच रही है। इस पर रोक लगाई जाय। उन्होंने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 21 हजार रुपये मासिक देने, बैंकों को मर्ज करने पर रोक लगाने की भी मांग उठाई।
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