दूबेपुर में प्रशिक्षण लेती समूह की महिलाएं। स्रोत-विभाग
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समूह की महिलाएं खेती और बागवानी से आत्मनिर्भर बनाई जाएंगी। उन्हें कम खेती में अधिक उपज लेने व उससे लाभ कमाने के लिए आधुनिक तरीका बताया जा रहा है। आधुनिक तरीके से खेती करने पर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रेरक के रूप में चयनित विकासखंड दुबेपुर, करौदीकला, भदैंया व कुड़वार की 28 कृषि आजीविका सखियों को बृहस्पतिवार को दूबेपुर विकास खंड स्थित जिला प्रशिक्षण कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक दिनेश कुमार त्रिपाठी ने महिलाओं को कम खेत में अधिक उपज लेने के तरीके बताए।
जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जासेफ ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की 28 महिलाओं को कृषि आजीविका सखी कैडर के रूप में चयनित किया गया है। खेती, बागवानी व पशुपालन के संबंध में जानकारी दी जाएगी l कृषि कार्य के तहत पोषण वाटिका, किचन गार्डन का निर्माण, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, जैविक दवा व जैविक खाद बनाने के बारे में बताया गया।
उपायुक्त एनआरएलम केडी गोस्वामी ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अपने समूह की सदस्यों को खेती, बागवानी व पशुपालन के लिए प्रेरित करेंगी और स्वयं भी खेती, बागवानी व पशुपालन करेंगी। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।