शहर में कपड़ा की दुकान पर साड़ियां पसंद करतीं महिलाएं। संवाद
सुल्तानपुर। सहालग में इस बार कपड़ा बाजार में साड़ियों की नई वैरायटी की धूम है। महिलाओं को फ्रेंडी, रजवाड़ी और डिजिटल वर्क की साड़ियां खूब पसंद आ रही हैं, जिनकी कीमत 500 से 6,000 रुपये के बीच है।
16 अप्रैल से शुरू हुआ सहालग 13 मई तक चलेगा। जिसके बाद 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास लगने के कारण शादियों पर विराम लग जाएगा। सब्जी मंडी मार्ग स्थित कपड़ा व्यवसायी कुलदीप बरनवाल ने बताया कि वैवाहिक खरीदारी के लिए नया कलेक्शन उतारा गया है, जिसमें 500-1,500 रुपये की फ्रेंडी, 1,500-5,000 की रजवाड़ी और 2,000 से 6,000 की डिजिटल वर्क साड़ियों की सबसे अधिक मांग है।
कढ़ाई वाली साड़ियों से मोहभंग
धनपतगंज। धनपतगंज। इस सहालग में पारंपरिक बनारसी कढ़ाई और गोटे वाली साड़ियों के प्रति महिलाओं का आकर्षण कम हो गया है। इसके बजाय हथकरघा (हैंडलूम) की रेशमी और लिनन सिल्क साड़ियों की मांग काफी बढ़ गई है। स्थानीय निवासी अनीता के अनुसार, 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के बीच जिमी चू साड़ी पहली पसंद बनी हुई है।
लिनन और हथकरघा की साड़ियों की लोकप्रियता बढ़ने से इनकी कीमतों में भी करीब 10 फीसदी का उछाल आया है। कपड़ा विक्रेता शीतला अग्रहरि ने बताया कि वर्तमान में लिनन और हथकरघा साड़ियों की कीमत 1,500 से 2,500 रुपये के बीच है। बाजार की स्थिति यह है कि सूती और कढ़ाई वाली बनारसी साड़ियों की बिक्री अब बहुत कम रह गई है, जबकि सिल्क और आधुनिक फैब्रिक की मांग लगातार बढ़ रही है।