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Sultanpur News: हम दिवाली तब मनाएं, जब हो जन-मन में उजाला...

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लंभुआ के कुबेरशाह पट्टी में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते कवि।
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लंभुआ। जयपालपुर लंभुआ में शनिवार रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री प्रतिभा पांडेय की वाणी वंदना से हुई। राज बहादुर राना ने महुआ महारानी नमो नमः सुनाकर लोगों को खूब हंसाया।
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पवन कुमार सिंह ने अवधी कविता, अबहूं का भारत देश महान... रचना सुनाई। दिनेश तिवारी दानिश ने, भावना प्यार की मर न जाए..., अनुपम द्विवेदी ने, विदा कर माते करूं प्रणाम... रचना सुनाकर तालियां बटोरीं। अमन सुल्तानपुरी ने वही भगवान है दुनिया को चलाने वाला... व डाॅ. सपना मिश्रा ने मेरी आवाज को एक नई आवाज देना... सुनाकर समा बांधा। राजेंद्र पांडेय गड़बड़ ने जवान किसान दोनों देसवा कै शान... सुनाया।
नरेंद्र शुक्ल ने अपनी रचना- दिखे कहीं भी मजा न वैसा, जैसा ग्राम प्रधानी में... सुनाया तो लोग मुस्कुरा उठे। संचालक हरिनाथ शुक्ल हरि ने- हम दिवाली तब मनाएं जब हो जन-मन में उजाला... सुनाकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कवयित्री डॉ. सरिता सिंह ने प्रेम गीत प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता हनुमान प्रसाद सिंह ''अभिषेक'' ने की। कवि हरिनाथ शुक्ल ने संचालन किया। इस दौरान साहित्यकार आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप, कवयित्री सुनीता श्रीवास्तव, डॉ. सुशील कुमार पांडेय साहित्येंदु, डॉ. ओंकारनाथ द्विवेदी, डाॅ. अर्जुन पांडेय, मथुरा प्रसाद सिंह जटायु, नरेंद्र शुक्ल, डॉ. राम प्यारे प्रजापति, राजेंद्र पांडेय गड़बड़, राम गोपाल शुक्ल तपिश, सुनील कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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