सुल्तानपुर। दो वर्ष पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का पुतला फूंकने के मामले में कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, अमेठी के कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल समेत आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश बुधवार को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने आरोपियों के हाजिर न होने पर दिया है। मामले में अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
अमेठी जिले के गौरीगंज थाने में 29 जुलाई 2022 को दरोगा राजेश कुमार ने कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, अमेठी के कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र समेत 131 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप है कि लोकसभा में कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच हुए विवाद को लेकर अमेठी के कांग्रेसियों ने 29 जुलाई 2022 को सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया था और गौरीगंज कस्बे में सब्जी मंडी तिराहे पर स्मृति ईरानी का पुतला फूंका था।
पुलिस ने मामले में पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत 28 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर उन्हें तलब किया था लेकिन आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
बुधवार को कोर्ट ने पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, अमेठी के कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र समेत 28 आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।