आठ गांव के वोटरों ने रविवार को ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सडक़ नहीं बनने पर मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया है। क्षेत्र के बखतपुर-हरखपुर गांव की तीन किलोमीटर दूरी में पक्की सडक़ का निर्माण नहीं हो सका। बरसात के दिनों में लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। गांव के लोग आजादी के बाद से पक्की सडक़ का इंतजार कर रहे हैं।
कुड़वार-अलीगंज मार्ग से हाईवे असरोगा तक की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। असरोगा तक जाने के लिए लोगों को हरखपुर, बखतपुर व नौगवांरायतासी होकर जाना पड़ता है। असरोगा से बखतपुर तक पक्की सडक़ है। बखतपुर से हरखपुर की दूरी तीन किलोमीटर है। यह मार्ग आजादी के बाद भी आज तक पिच नहीं हो सका। पूरे परवानी, मोहन मिश्र, गंगा मिश्र का पुरवा, सरकौड़ा, हरखपुर समेत आठ गांव के लोग इसी कच्चे मार्ग से आवागमन को मजबूर हैं।
इमरजेंसी के दौरान कोई वाहन बारिश के दिनों में गांव जाने को तैयार नहीं होते हैं। रविवार को रामनेवल पाल की अगुवाई में आठ गांव के लोग सडक़ पर उतर पड़े। ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के बैनर तले प्रदर्शन किया। वोटरों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाते हुए विधानसभा चुनाव में आगामी 27 फरवरी को मतदान नहीं करने का निर्णय लिया। मोहन मिश्र निवासी कृष्ण कुमार मिश्र, बखतपुर निवासी श्याम बहादुर, सरकौड़ा निवासी बाबूलाल यादव का कहना है कि चुनाव के समय प्रत्याशी वादों की झड़ी लगा देते हैं। जीतने के बाद वापस गांव में आना मुनासिब नहीं समझते हैं। अब आठ गांव के ग्रामीणों ने मतदान नहीं करने का एलान किया है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।