पंचायत चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुई धांधली से नाराज महमूदपुर के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। ग्रामीण बुधवार को ग्राम प्रधान किशमुल निशां की अगुवाई में वोट बहिष्कार का बैनर लगाकर गांव के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि वे न तो 29 अक्तूबर को होने वाले डीडीसी-बीडीसी के मतदान में हिस्सा लेंगे ओर न ही गांव में किसी उम्मीदवार को प्रचार करने देंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि तहसील प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद मतदाता सूची सही नहीं कराई गई। दुर्भावनावश गांव में निवास करने वाले 151 मतदाताओं का नाम सूची से काट दिया गया है। 111 मृतकों का नाम सूची में दर्ज है। 219 ऐसी महिला मतदाता सूची में शामिल हैं जिनकी शादी हो गई है और वे अपनी ससुराल में निवास कर रही हैं। वे वहां वोटर भी हैं। यह भी आरोप है कि ग्राम पंचायत से सटे नगर पंचायत क्षेत्र में निवास करने वाले और वहां की मतदाता सूची में दर्ज कई मतदाताओं का नाम महमूदपुर गांव में दर्ज किया गया है।
सूची में अब नहीं हो सकता फेरबदल : डीएम
इस संबंध में डीएम ने कहा कि अब मतदाता सूची में किसी भी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जा सकता है। नामांकन के अंतिम दिन तक ही सुधार हो सकता था। तहसील स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर डीएम ने कहा कि ग्रामीणों को हमारे पास आना चाहिए था। जिले में इस प्रकार की जो भी समस्याएं थीं वह उनके स्तर से निस्तारित की गई हैं। महमूदपुर का कोई भी ग्रामीण शिकायत करने नहीं आया।
रंजिशन नाम काटने का आरोप गलत : एसडीएम
एसडीएम सुभाषचंद्र प्रजापति ने कहा कि तहसील प्रशासन की ओर से रंजिशन सूची से नाम काटे जाने का आरोप गलत है। कहा कि छह अक्तूबर से दस अक्तूबर तक जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं थे उनकी आईडी के साथ आवेदन उन्होंने स्वयं लिया था। अब आयोग की ओर से साइट लॉक कर दी गई है। यदि त्रुटिवश किसी का नाम नहीं बढ़ सका है तो उसका नाम ग्राम प्रधान के चुनाव में बढ़ा दिया जाएगा।