सुल्तानपुर। मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी में शामिल दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को राजापुर बाजार बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं हुआ। इस बीच धरने में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने डंडा पटककर लोगों को खदेड़ दिया।
कुड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली सात वर्षीय बच्ची के साथ बीते 12 फरवरी को दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। दुष्कर्म की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने कुछ घंटे में ही एक किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बच्ची के परिवारीजनों का आरोप है कि उस घटना में मुंह पर गमछा बांधे दो अन्य लोग भी शामिल थे। बच्ची ने भी कोर्ट में 163, 164 के बयान में ये जानकारी दी थी। बच्ची के बयान के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश में इसे भी शामिल कर लिया। बृहस्पतिवार को ग्रामीण इस बात से नाराज हो गए कि अभी तक पुलिस दुष्कर्म में शामिल अन्य दो आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
ग्रामीणों की मांग थी कि बच्ची के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता दी जाए। मांगों को लेकर ग्रामीण राजापुर बाजार बंद कराकर धरने पर बैठ गए। बाजार बंद होने की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। एसओ ने लोगों को काफी समझाया, लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए।
इस बीच एसडीएम सदर रामजी लाल भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। इस बीच कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने डंडे पटककर धरने पर बैठे लोगों को तितर-बितर कर दिया। इसके बाद पुलिस धरनास्थल से कई बाइक थाने उठा ले गई। एसओ अरविंद पांडेय ने बताया कि बच्ची ने जो बयान दिया है उसे तफ्तीश में शामिल किया गया है। मामले की विवेचना चल रही है।