विजेथुआ महावीरन धाम का मकरीकुंड व मंदिर ।
- फोटो : विजेथुआ महावीरन धाम का मकरीकुंड व मंदिर ।
सुल्तानपुर। कादीपुर तहसील के विजेथुआ महावीरन धाम पर श्रद्धालुओं के आने से पर्यटन को पंख लगेंगे। भू-स्वामियों की सहमति के बाद धाम में कॉरिडोर बनाने का रास्ता तकरीबन साफ हो गया है। इसके लिए करीब 9.92 बीघा जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। डीएम के प्रस्ताव के बाद पर्यटन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
रामायणकाल से जुड़े विजेथुआ धाम के प्रति लोगों की बड़ी आस्था है। जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने रामायणकाल से जुड़े विजेथुआ धाम में कॉरिडोर बनाने के लिए करीब तीन माह पहले आकलन कराया था। विधायकों समेत स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं को देखते हुए इसका प्रस्ताव तैयार कराया गया था। इसमें मेला स्थल, यज्ञशाला का विस्तार करते हुए हनुमानजी, राम-जानकी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर व भीटा को आधुनिक रूप देने के लिए भूमि को चिह्नित कराया गया था।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम कादीपुर ने 16 गाटों की 9.92 बीघा जमीन चिह्नित की थी। अब इन गाटों के खातेदारों ने राजस्व विभाग को अपनी भूमि देने की सहमति भी दे दी है। चिह्नित सात खातों की पूरी भूमि अकृषक है। पर्यटन विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि रामायणकाल से जुड़े धार्मिक स्थल के प्रस्ताव को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन के निर्देश पर बीते महीने पर्यटन विभाग की टीम ने पहुंचकर प्रस्तावित स्थल का जायजा लिया था। भू-स्वामियों की स्वीकृति से विजेथुआ धाम में गलियारा बनाने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विजेथुआ धाम में कॉरिडोर विकसित होने पर श्रद्धालुओं का आकर्षण और बढ़ जाएगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ जाएंगी। इसमें लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे। होटल कारोबार समेत अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन स्थल घोषित करने की कई वर्षों से चल रही मांग
विजेथुआ धाम को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित करने की मांग कई वर्षों से चल रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व भाजपा सांसद मेनका गांधी, कादीपुर विधायक राजेश गौतम, सदर विधायक राजप्रसाद उपाध्याय समेत अन्य विजेथुआ धाम को भव्य बनाते हुए धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने के लिए कई बार शासन को पत्र लिख चुके हैं।