सुल्तानपुर। उघड़पुर चौराहे पर रविवार की देर रात मोबाइल की दुकान में सेंध लगाते समय ही लोगों ने युवक को पकड़ा था। स्थानीय लोगों की पिटाई से ही उसकी मौत हुई थी। पिटाई का वीडियो सोमवार की देर शाम वायरल होने पर एसपी ने मामले का संज्ञान लिया। एसपी के आदेश पर पुलिस ने चार नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के उघड़पुर चौराहे पर संतोष कुमार की मोबाइल की दुकान है। पिछले रविवार की रात करीब ढाई बजे स्थानीय लोगों ने संतोष की दुकान में सेंध लगाते समय हरीराम यादव पुत्र रामराज निवासी पांडेयपुर सुरौली थाना गोसाईगंज को पकड़ लिया था, जबकि अन्य फरार हो गए थे।
स्थानीय लोगों ने हरीराम की लात घूंसा और लाठी से पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। सोमवार की देर शाम हरीराम यादव की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर एसपी शिवहरी मीणा को जानकारी मिली। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओ गोसाईगंज हरीराम यादव को केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
एसपी के आदेश पर पुलिस ने मृतक के भाई दयाराम यादव की तहरीर पर अवधेश पांडेय, वीरेंद्र वर्मा निवासी सुरौली, सुरेश दुबे निवासी उघड़पुर और संतोष कुमार निवासी उघड़पुर थाना गोसाईगंज के साथ ही कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सोमवार को पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो में पकड़ा गया हरीराम लोगों को बता रहा है कि वह दुकान में चोरी करने पहुंचा था। पिटाई के दौरान हरीराम बार बार कहता है कि अब वह दोबारा चोरी नहीं करेगा। पिटाई में शामिल लोग जब उससे पूछते हैं कि और कौन लोग थे उसके साथ। तब वह कहता है कि उसके साथ सिर्फ नीरज था। जो भाग गया।
उघड़पुर चौराहे के पास चोरी के वक्त पकड़े गए हरीराम यादव की मौत हेड इंजरी से होना पाया गया है। सोमवार को चिकित्सक डॉ. रमेश ने हरीराम यादव के शव को पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमॉर्टम में सर में दो चोट पाई गईं। साथ ही दहिना पैर टूटा था। एक चोट चेहरे पर मिली। दाहिना हाथ भी चोटिल था। चिकित्सक के अनुसार उसकी मौत हेड इंजरी से हुई है।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सुरौली गांव निवासी अवधेश पांडेय ने पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा को प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि वर्ष 2019 में आशुतोष मिश्र की हत्या कर दी गई थी। हत्या में इंद्रसेन यादव, जितेंद्र यादव, अनंतराम यादव, साधू यादव समेत अन्य लोग शामिल थे।
पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हत्या के उस मुकदमे में वे गवाह हैं। इसी रंजिश में उन्हें फर्जी फंसाया जा रहा है। घटना के दिन वे उघड़पुर चौराहे से करीब 20 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर शहर के ओमनगर स्थित अपने आवास पर परिवार के साथ थे।
स्थानीय थाना क्षेत्र के उघड़पुर चौराहे पर संतोष कुमार की मोबाइल शॉप है। मंगलवार को संतोष ने भी गोसाईगंज थाने में तहरीर दी। तहरीर में संतोष ने लिखा है कि रविवार की देर रात उनकी दुकान में सेंध लगाते समय हरीराम पकड़ा गया था।
उसे लोग पीट रहे थे। जब वह मौके पर पहुंचा तो हरीराम भाग रहा था। इस बीच सड़क पार करते समय एक बस आ गई, जिसकी टक्कर से हरीराम घायल हो गया था। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने बताया कि मृतक के भाई ने तहरीर देकर कहा है कि उसके भाई को रविवार की रात गांव के दो लोग और पड़ोस के गांव के दो लोग बुलाकर काम कराने के लिए ले गए थे। वहां उसकी पिटाई की गई। इसके बाद उसके भाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के भाई की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ने कहा कि घटना में नामजद किए गए आरोपियों का कहना है कि रविवार की रात उनकी दुकान में चोरी के समय ही हरीराम को पकड़ा गया था। पुलिस दोनों मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।