सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण काल में भी जिला अस्पताल में मौजूद चार वेंटिलेटर चालू नहीं हो सके। प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में वेंटिलेटर जिला अस्पताल के एक कक्ष में निष्प्रयोज्य पड़े है। वेंटिलेटर नहीं चलने से जिले के मरीजों के परिवारीजन दूसरी जगहों जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की विकट समस्या को देखते हुए सांसद मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री के समक्ष आवाज उठाई है।
जिले से सांसद रहते हुए वरुण गांधी ने जिला अस्पताल के इमरजेेंसी कक्ष में मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वर्ष 2017-18 में अपनी निधि से चार वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए थे। धनराशि जारी होने पर फर्म ने वेंटिलेटर की आपूर्ति भी जिला अस्पताल को उसी समय कर दी थी। वेटिंलेटर पहुंचने के बाद सांसद ने चिकित्सकों की मांग पर ट्रेंड (दक्ष) स्टाफ की मांग भी शासन से की थी। करीब चार वर्ष पहले हुई मांग के बाद भी वेटिंलेटर संचालित करने वाले चिकित्सक, नर्स, वार्ड ब्वॉय व आईसीयू टेक्नीशियन जिला अस्पताल को उपलब्ध नहीं हो सके। ट्रेंड स्टाफ के अभाव में करीब 10 लाख रुपये से धनराशि से आया चार वेंटिलेटर जिला अस्पताल में निष्प्रयोज्य पड़ा है।
जिले में रोजाना बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच मौजूद वेंटिलेटर नहीं संचालित होने से जिले के मरीज लखनऊ व अन्य जनपदों में जान बचाने के लिए भागे फिर रहे हैं। मौजूदा समय में पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी के प्रतिनिधि नसीब सिंह ने बताया कि सांसद ने दूरदृष्टि सोच के साथ वेंटिलेटर उपलब्ध कराए थे। समय से संचालित न होने की वजह से मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं।
वरुण गांधी की ओर से जिला अस्पताल में उपलब्ध कराए गए चार वेंटिलेटर की जानकारी मिलने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री के समक्ष आवाज उठाई है। सांसद ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में सांसद ने जिला अस्पताल में वरुण गांधी की ओर से उपलब्ध कराए गए वेंटिलेटर को संचालित करने के लिए दक्ष स्टाफ की तत्काल व्यवस्था करने का आग्रह किया है। कहा कि वेंटिलेटर चालू होने से मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।