बंधुआकला में ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स में बोलते मौलाना। स्रोत-सोशल मीडिया
- फोटो : दंगल में दांव लगाते पहलवान।
सुल्तानपुर। बंधुआकला में ख्वाजा गरीब नवाज का 814 वां वार्षिक उर्स रविवार को अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स का आयोजन धर्मगुरु सैयद मेराज अशरफ ने किया। मुफ्ती मंजूर अहमद खान ने ख्वाजा गरीब नवाज़ के व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की। शायर हेलाल टांडवी, सद्दाम हुसैन प्रतापगढ़ी, उबैद अशरफी और असरार वारसी ने ख्वाजा गरीब नवाज़ की मनकाबत (खूबियों व कार्यों का बखान) पेश की। धर्मगुरु सैयद मेराज अशरफ ने देश में अमन-चैन की दुआ की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलमा और शोअरा मौजूद रहे। संचालन कारी तबस्सुम रज़ा चिश्ती और फरीद रज़ा ने किया। बानी-ए-खानकाह मौलाना इब्राहिम अशरफी ने अमन और मोहब्बत का पैगाम दिया। इस दौरान समाजसेवियों और ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। गरीबों में कंबल वितरित किए गए। इस मौके पर मस्जिदों के इमामों को भी सम्मानित किया गया। शायरों के कलाम के साथ महफिल का समापन हुआ। संवाद