सुल्तानपुर। अरीबा का मतलब अक्लमंद होता है। अरीबा नोमान ने अपने नाम को चरितार्थ कर दिया। यूपीएससी की परीक्षा में अरीबा नोमान ने 109 वीं रैंक हासिल की है। अरीबा ने को यह कामयाबी अपने तीसरे प्रयास में मिली है। अरीबा के चयन से परिवार व क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अरीबा बल्दीराय क्षेत्र के पटैला गांव के मूल निवासी नोमान अहमद की बेटी है। शहर के हनीफनगर में रहने वाले नोमान अहमद नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी हैं। इनकी दो पुत्रियों में से बड़ी बेटी अरीबा नोमान पढ़ाई में शुरू से मेधावी थीं। स्टेला मॉरिस कान्वेंट स्कूल से वर्ष 2011 में 10 सीजीपीए के साथ हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए अरीबा को दिल्ली भेजा गया था। इंडियन पब्लिक स्कूल नई दिल्ली से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण कर अरीबा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। वर्ष 2017 में बीटेक उत्तीर्ण करने के बाद अरीबा ने सिविल सर्विस की परीक्षा पास करने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए माता-पिता का भी सपोर्ट मिला।
कोचिंग के माध्यम से तैयार करने वाली अरीबा ने पहले ही प्रयास में मेंस तक सफर तय किया। दूसरी बार कोविड की वजह से परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं। तीसरे प्रयास में अरीबा को 109वीं रैंक हासिल हुई। अरीबा के पिता नोमान अहमद बताते हैं कि दोनों बेटियां पढ़ाई में अच्छी हैं। मैंने शुरू से ही उन्हें बेटों से ज्यादा प्यार व सम्मान दिया है। बड़ी बेटी अरीबा ने सिविल सर्विस में चयनित होकर हमारा गौरव बढ़ाया है। छोटी बेटी तुबा नोमान लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई कर रही है। अरीबा ने बताया कि उन्हें चयन की उम्मीद थी लेकिन इतनी अच्छी रैंक का भरोसा नहीं था। इस सफलता से काफी खुशी मिली है।