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UP: अमेठी-अयोध्या से उलट खामोश है सुल्तानपुर, वोटरों ने साधी चुप्पी; यहां सब कुछ रोजमर्रा की तरह

आदित्य उपाध्याय, अमर उजाला, सुल्तानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 06 May 2024 01:13 PM IST

सार

अमेठी-अयोध्या से उलट सुल्तानपुर खामोश है। प्रत्याशियों के कार्यालयों के अलावा और कहीं चुनावी रंगत नजर नहीं आती है। सपा-बसपा से अभी तक स्टार प्रचारकों की मांग नहीं की गई। तीन नामांकन जुलूस के बावजूद शहर के वोटरों ने चुप्पी साध रखी है।
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
संसदीय सीट से सटी अमेठी से गर्म चुनावी हवाएं आने लगी हैं। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चुनावी रोमांच बढ़ा गए, जबकि सुल्तानपुर में एक अजब ठंडक है। प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं के अलावा कहीं कोई उल्लास नहीं है। झंडे, नारे, बैनर सब गायब हैं, जबकि मतदान में महज 19 दिन शेष हैं। 

शायद यह चुप्पी स्टार प्रचारकों की आमद के बाद ही टूटे। अमेठी लोकसभा क्षेत्र की तरफ से अगर सुल्तानपुर शहर में प्रवेश करें तो सबसे पहले अमहट चौराहा मिलेगा। यहां सब कुछ रोजमर्रा की तरह ही नजर आता है। यहां से कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही भाजपा कार्यालय है, इसलिए भाजपा के झंडे लगी गाड़ियां कभी कभार दिख जाती हैं। 


यहां से गभड़िया, मेडिकल कॉलेज होते हुए बस स्टेशन तक कहीं भी चुनाव जैसा नजारा नहीं दिखता। यहां से आगे बढ़ने पर गोलाघाट पर भाजपा प्रत्याशी का चुनावी कार्यालय है। इसलिए वहां जरूर गाड़ियों की कतार और झंडे-बैनर चुनाव का अहसास कराते हैं, मगर चंद कदम आगे निकलिए तो फिर अयोध्या के कूरेभार के आगे अयोध्या की सीमा तक नजारा ऐसा ही है।

बस स्टेशन के पास पान विक्रेता मनोज गुप्ता कहते हैं कि यहि बार तो समझै मा नाहीं आवत। अब कौनौ बड़ा नेता आवै तबै कुछ माहौल देखाय परे। दुकान पर खड़ा युवक महेश कहता है कि अभी तय ही नहीं कि कौन लड़ रहा है, जब सारे प्रत्याशी साफ हो जाएंगे तो शायद कुछ माहौल दिखे। व्यापारी अभिनव अग्रवाल कहते हैं कि अभी तो यही साफ नहीं हो पाया कि मुकाबला किस-किस के बीच है। 
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
संसदीय सीट से सटी अमेठी से गर्म चुनावी हवाएं आने लगी हैं। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चुनावी रोमांच बढ़ा गए, जबकि सुल्तानपुर में एक अजब ठंडक है। प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं के अलावा कहीं कोई उल्लास नहीं है। झंडे, नारे, बैनर सब गायब हैं, जबकि मतदान में महज 19 दिन शेष हैं। 

शायद यह चुप्पी स्टार प्रचारकों की आमद के बाद ही टूटे। अमेठी लोकसभा क्षेत्र की तरफ से अगर सुल्तानपुर शहर में प्रवेश करें तो सबसे पहले अमहट चौराहा मिलेगा। यहां सब कुछ रोजमर्रा की तरह ही नजर आता है। यहां से कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही भाजपा कार्यालय है, इसलिए भाजपा के झंडे लगी गाड़ियां कभी कभार दिख जाती हैं। 

यहां से गभड़िया, मेडिकल कॉलेज होते हुए बस स्टेशन तक कहीं भी चुनाव जैसा नजारा नहीं दिखता। यहां से आगे बढ़ने पर गोलाघाट पर भाजपा प्रत्याशी का चुनावी कार्यालय है। इसलिए वहां जरूर गाड़ियों की कतार और झंडे-बैनर चुनाव का अहसास कराते हैं, मगर चंद कदम आगे निकलिए तो फिर अयोध्या के कूरेभार के आगे अयोध्या की सीमा तक नजारा ऐसा ही है।

बस स्टेशन के पास पान विक्रेता मनोज गुप्ता कहते हैं कि यहि बार तो समझै मा नाहीं आवत। अब कौनौ बड़ा नेता आवै तबै कुछ माहौल देखाय परे। दुकान पर खड़ा युवक महेश कहता है कि अभी तय ही नहीं कि कौन लड़ रहा है, जब सारे प्रत्याशी साफ हो जाएंगे तो शायद कुछ माहौल दिखे। व्यापारी अभिनव अग्रवाल कहते हैं कि अभी तो यही साफ नहीं हो पाया कि मुकाबला किस-किस के बीच है। 

भाजपा ने की योगी और मोदी की मांग
क्षेत्र के मतदाता जहां माहौल का आकलन करने के लिए स्टार प्रचारकों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं अभी बसपा और सपा ने स्टार प्रचारकों की मांग भी अपने दल को नहीं भेजी है।
 

हालांकि चुनावी प्रबंधन में आगे चल रही भाजपा ने कई दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम, अपना दल प्रमुख अनुप्रिया पटेल के अलावा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, संजय निषाद की मांग कर दी है।

भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा कहते हैं कि जल्द ही यहां स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम तय हो जाएंगे।
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