संसदीय सीट से सटी अमेठी से गर्म चुनावी हवाएं आने लगी हैं। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चुनावी रोमांच बढ़ा गए, जबकि सुल्तानपुर में एक अजब ठंडक है। प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं के अलावा कहीं कोई उल्लास नहीं है। झंडे, नारे, बैनर सब गायब हैं, जबकि मतदान में महज 19 दिन शेष हैं।
शायद यह चुप्पी स्टार प्रचारकों की आमद के बाद ही टूटे। अमेठी लोकसभा क्षेत्र की तरफ से अगर सुल्तानपुर शहर में प्रवेश करें तो सबसे पहले अमहट चौराहा मिलेगा। यहां सब कुछ रोजमर्रा की तरह ही नजर आता है। यहां से कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही भाजपा कार्यालय है, इसलिए भाजपा के झंडे लगी गाड़ियां कभी कभार दिख जाती हैं।
यहां से गभड़िया, मेडिकल कॉलेज होते हुए बस स्टेशन तक कहीं भी चुनाव जैसा नजारा नहीं दिखता। यहां से आगे बढ़ने पर गोलाघाट पर भाजपा प्रत्याशी का चुनावी कार्यालय है। इसलिए वहां जरूर गाड़ियों की कतार और झंडे-बैनर चुनाव का अहसास कराते हैं, मगर चंद कदम आगे निकलिए तो फिर अयोध्या के कूरेभार के आगे अयोध्या की सीमा तक नजारा ऐसा ही है।
बस स्टेशन के पास पान विक्रेता मनोज गुप्ता कहते हैं कि यहि बार तो समझै मा नाहीं आवत। अब कौनौ बड़ा नेता आवै तबै कुछ माहौल देखाय परे। दुकान पर खड़ा युवक महेश कहता है कि अभी तय ही नहीं कि कौन लड़ रहा है, जब सारे प्रत्याशी साफ हो जाएंगे तो शायद कुछ माहौल दिखे। व्यापारी अभिनव अग्रवाल कहते हैं कि अभी तो यही साफ नहीं हो पाया कि मुकाबला किस-किस के बीच है।