27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था
मामला आठ मई 2018 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इससे नाराज भाजपा नेता और तत्कालीन जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था।
वह 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिली। मुकदमे के दौरान करीब 140 पेशियां हुईं और राहुल गांधी को कुल चार बार सुल्तानपुर आना पड़ा। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने की मांग की थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट, सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। राहुल गांधी का बयान 20 फरवरी 2026 को दर्ज हुआ। छह अक्तूबर को अंतिम बहस शुरू हुई और 12 अक्तूबर को सुनवाई पूरी हो गई।
14 मिनट में खत्म हुई कार्यवाही
सोमवार सुबह 11:19 बजे एमपीएमएलए कक्ष में पहुंचे राहुल गांधी 11:33 बजे बाहर निकल गए। करीब 14 मिनट में कार्यवाही पूरी हुई। इस दौरान करीब 10 मिनट तक जज ने फैसला पढ़ा। राहुल के साथ अधिवक्ता काशीनाथ शुक्ला, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आरएस चीमा, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
ऊपरी अदालत में करेंगे अपील
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ''पीड़ित व्यक्ति'' की श्रेणी में नहीं आते हैं। हम इस बात से खुश हैं कि राहुल गांधी को बरी कर दिया गया है। उधर, वादी विजय मिश्रा ने कहा कि अभी हमने कोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं देखी है, वकीलों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे और कानूनी राय के आधार पर आगे ऊपरी कोर्ट में अपील दायर करेंगे।