प्रतापपुर कमैचा गांव के पास निर्माणाधीन फोरलेन के अंडर पास का करीब 15 फीट ऊंचा ढांचा शनिवार सुबह अचानक ढह गया। ढांचा ढहने से उस पर काम कर रहे छह मजदूर गिरकर घायल हो गए। इससे कार्यस्थल पर अफरातफरी मच गई। मजदूरों को आनन-फानन में सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने एक मजदूर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
चांदा थाना क्षेत्र के प्रतापुर कमैचा गांव के पास लखनऊ-वाराणसी फोरलेन के निर्माण के कार्य के तहत एक अंडरपास का निर्माण चल रहा है। यह कार्य गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी करवा रही है। अंडरपास के लिए करीब 15 फीट ऊंचे लोहे की सरिया से ढांचा तैयार किया गया था। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के इंजीनियर ने ढांचे को मानक विहीन बताते हुए रिजेक्ट कर दिया था।
इंजीनियर ने संबंधित कंपनी को इसे फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। शनिवार को उसी ढांचे को खोला जा रहा था। ढांचे को खोलने में संजय (18), प्रशांत मंडल (25), रोहित (20), वापी (22) समेत छह मजदूर लगाए गए थे।
ढांचा खोलते समय अचानक ढह गया, जिससे उस पर कार्य कर रहे सभी मजदूर ढांचे समेत नीचे गिर पड़े। मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। ढांचा गिरने के बाद कार्य स्थल पर अफरातफरी मच गई। वहां काम कर रहे अन्य मजदूर भाग खड़े हुए।
घटना की जानकारी होने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने संजय की नाजुक हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।