चुनावी रंजिश में हिंसा की घटनाओं के बीच यह खबर सुकून पहुंचाने वाली है। ब्लॉक भेटुआ की ग्राम पंचायत पश्चिम दुआरा के ग्रामीणों ने बेहतर सामंजस्य की नजीर पेश की है। इस ग्राम पंचायत में प्रधान व 11 वार्ड सदस्यों के एक-एक नामांकन से सभी का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।
बीते दिनों समाप्त हुए डीडीसी और बीडीसी चुनाव से लेकर चल रही ग्राम प्रधान व सदस्य चुनाव की प्रक्रिया में चुनावी रंजिश आम बात हो गई है। झड़प से लेकर हिंसा तक को संभालने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दो दिन पहले ही चुनावी रंजिश में सुल्तानपुर जिले के धम्मौर ग्राम पंचायत की निवर्तमान प्रधान अनीता सिंह के पति राजा बाबू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अधिकतर ग्राम पंचायत में दस से अधिक प्रत्याशी मैदान में खम ठोंक रहे हैं। ऐसे माहौल में अमेठी से एक खबर सुकून पहुंचाने वाली मिली है। अमेठी के ब्लॉक भेटुआ की अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में चिह्नित ग्राम प्रचायत पश्चिम दुआरा में अब 28 नवंबर को मतदान नहीं कराना पड़ेगा। 11 वार्ड वाली इस ग्राम पंचायत में प्रधान समेत समस्त सदस्य पद के लिए एक-एक ही नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। एक-एक नामांकन पत्र दाखिल होने से यहां सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।
यह ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। दो दिनों तक चले नामांकन प्रक्रिया में प्रधान पद के लिए बचावन पुत्र जियालाल ने ही नामांकन किया है। सभी 11 वार्डों में क्रमश: रामशंकर, अमरावती, वेदप्रकाश, जनमेजय, वृंदावन, राम मूरत, राम किशुन, अभय सिंह, सुमन पांडेय, भानुमती और श्रीमती कंचन सिंह ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। एक-एक नामांकन दाखिल होने से अब प्रशासन को ऐसे गांव में मतदान कराने से निजात मिल गई जो अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में रखा गया था। भेटुआ ब्लॉक के आरओ वीके सिंह ने प्रधान समेत सभी 11 वार्डों में सिर्फ एक-एक नामांकन होने की पुष्टि की है।
कहीं किसी के दबाव में एक-एक परचे दाखिल होने के सवाल पर एडीएम सूर्यनारायण यादव ने बताया कि फिलहाल ऐसी कोई शिकायत नहीं हुई थी। नामांकन पत्रों की जांच में सभी परचे वैध मिलने पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी। उसके बाद संबंधित आरओ जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचना भेजेगा।