सुल्तानपुर। रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच जिला प्रशासन को रोज नई जानकारियां मिल रही हैं। अब तक यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए आठ छात्र-छात्राओं की पहचान हुई है। इसमें चार छात्र-छात्राएं घर पहुंच गए हैं, जबकि तीन पोलैंड बॉर्डर व मलतावा के पास सेफ जोन में हैं। युद्ध के बीच रोमानिया से एक छात्र बृहस्पतिवार की सुबह इंडियन एयरफोर्स के विमान से दिल्ली पहुंचा लेकिन वह वहीं अपनी बहन के घर ठहर गया।
जिला प्रशासन को बृहस्पतिवार तक यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले कुल आठ छात्र-छात्राओं की जानकारी मिली है। इन छात्र-छात्राओं में कोतवाली नगर क्षेत्र के सब्जी मंडी निवासी व्यवसायी गंगा सिंह की बेटी महिमा सिंह, निरालानगर निवासी डॉ. प्रवीन कुमार सिंह की पुत्री शुभांगी सिंह को अन्य छात्र-छात्राओं के साथ पिछले मंगलवार को रेस्क्यू करके पोलैंड ले जाया जा रहा था। इस बीच पोलैंड और हंगरी के बीच स्थित स्लोवाकिया में बनाए गए सेफ जोन में दोनों छात्राएं पहुंच गई हैं। पूरे नथऊ मजरे भदैंया निवासी ताड़कनाथ मिश्र का पुत्र राहुल भी मलतावा स्थित सेफ जोन में पहुंच गया है। कादीपुर के मंगरावा निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजमणि वर्मा की पुत्री दीक्षा वर्मा घर आ गई है। शहर के बढ़ैयावीर निवासी रामजी दूबे का बेटा सत्येंद्र दूबे यूक्रेन से पिछले जनवरी माह में ही छुट्टी पर घर आ गया था।
लंभुआ के सूर्यभान पट्टी गांव निवासी शिक्षक रामयश यादव का पुत्र आशीष कुमार यादव जंग के बीच खारकीव से निकलकर पोलैंड के समीप सेफ जोन में पहुंच गया है। आशीष की मां शारदा ने बताया कि आज दोपहर बेटे से बात हुई थी। आशीष दो बजे पोलैंड पहुंच गया था। कादीपुर के बेरामारूफपुर कटघर पट्टी निवासी श्रवण कुमार पांडेय का पुत्र आशीष पांडेय यूक्रेन में फंसा था और बृहस्पतिवार को भारतीय वायुसेना के सी-17 विमान से दिल्ली पहुंच गया है। शहर के ही गोलाघाट निवासी राजेंद्र गुप्ता की पुत्री साक्षी गुप्ता पिछली 20 फरवरी को ही यूक्रेन से वापस घर आ गई है।