सुल्तानपुर। प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो सामुदायिक प्रसाधन बनाए जाएंगे। पहले चरण में प्रशासन के निर्देश पर एक सामुदायिक प्रसाधनों का निर्माण ग्राम पंचायतों में शुरू करा दिया गया है। ग्राम निधि व मनरेगा की संयुक्त धनराशि से बनाए जा रहे प्रसाधनों पर तीन से सात लाख रुपये तक का खर्च आ रहा है। जिले में 982 सामुदायिक प्रसाधनों का निर्माण चल रहा है।
ग्राम पंचायतों में गंदगी से मुक्ति व खुले शौच से निजात दिलाने के लिए स्वच्छता मिशन को जिले में आगे बढ़ाया जा रहा है। जिलाधिकारी सी. इंदुमती के निर्देश पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो सामुदायिक प्रसाधनों के निर्माण का निर्णय जिला पंचायत राज विभाग ने पिछले महीने लिया था। इसका निर्माण मनरेगा व ग्राम निधि की संयुक्त धनराशि से कराने का भी निर्णय लिया गया था।
जिला प्रशासन के निर्देश पर अमल करते हुए जिला पंचायतराज विभाग ने पहले चरण में प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक सामुदायिक प्रसाधन का निर्माण शुरू करा दिया है। विभाग के मुताबिक प्रत्येक सामुदायिक प्रसाधन के निर्माण पर तीन से लेकर सात लाख रुपये तक का खर्च आ रहा है।
कम भूमि पर तीन व अधिक भूमि पर निर्माण पर ज्यादा लागत आ रही है। विभाग के मुताबिक ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक जगह पर सामुदायिक प्रसाधन का निर्माण होने से गांवों में होने वाले आयोजन व जिनके घर प्रसाधन नहीं हैं, वे इसका उपयोग कर सकेंगे। ऐसे लोगों के उपयोग से गांव गंदगी व खुले शौच से मुक्त होंगे। जिले भर में 982 सामुदायिक प्रसाधनों का निर्माण चल रहा है।
एक के पूरा होने के बाद दूसरे का होगा निर्माण
जिला पंचायतराज अधिकारी केके सिंह चौहान ने बताया कि पहले चरण में प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक सामुदायिक प्रसाधन का निर्माण कराया जा रहा है। एक प्रसाधनों का निर्माण पूरा होने के बाद दूसरे सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्देश पंचायतों को दिए जा चुके हैं।