रक्षाबंधन पर्व पर जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनों से वसूली पीठासीन राइटर को महंगी पड़ी। घूस लेने के मामले में दो पीठासीन राइटर को पद से हटा दिया गया है। जेल अधीक्षक ने अमर उजाला में प्रकाशित समाचार के बाद जांच कराई तो वसूली की पुष्टि हुई।
अमहट रोड पर स्थित जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को राखी बांधने के लिए बीते शनिवार को दिल्ली, उन्नाव समेत कई जिलों से उनकी बहनें पहुंची थीं। शनिवार को बंदियों से मुलाकात कराने का नियम नहीं है। लिहाजा भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनों ने जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मिलाई की बात कही थी।
जेल अधीक्षक प्रमोद शुक्ला और जेलर एसपी मिश्रा ने जेल में बंद बंदियो/कैदियों को राखी बांधने पहुंची बहनों को अनुमति प्रदान किया था। सुबह से भूखी-प्यासी बहनों से जेल के पीठासीन राइटर दीपक वर्मा व जितेंद्र ने 40 से 50 रुपये वसूली किए थे। अमर उजाला ने पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। रविवार को समाचार प्रकाशित होने के बाद जेल अधीक्षक प्रमोद शुक्ला ने इसे गंभीरता से लिया था। जेल अधीक्षक ने मामले की जांच कराई तो पीठासीन राइटर दीपक वर्मा व जितेंद्र दोषी पाए गए थे। इस बाबत जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ल ने बताया कि घूस लेने के मामले में दोनों पीठासीन राइटर दोषी पाए गए हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।