गौरीगंज। जिंदा किसान को मृत दिखा वरासत करना दो राजस्व लेखपाल व कानूनगो को भारी पड़ा। मामला संज्ञान में आने के बाद एसडीएम ने दोनों लेखपालों को सस्पेंड करते हुए कानूनगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
शासन के निर्देश पर मृत किसानों के वारिसों को उनकी भूमि हस्तांतरित करने के लिए संचालित वरासत योजना में गड़बड़ी करना जिले के दो राजस्व लेखपाल व दो राजस्व निरीक्षकों को भारी पड़ा।
पिछले दिनों वरासत प्रकरण में गड़बड़ी करने का मामला सामने आने के बाद एसडीएम गौरीगंज अमित कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच स्वयं की।
जांच के दौरान राधिका प्रसाद मिश्र ने तैनाती वाले गांव रेसी व जामों में एक-एक तो अशोक कुमार शुक्ल ने कमालपुर गांव में एक जिंदा किसान को मृत दिखाकर उसके खाते की वरासत की पत्रावली तैयार कर राजस्व निरीक्षक को प्रेषित कर दी।
राजस्व निरीक्षक प्रताप नारायण ओझा ने बिना वरासत की जांच किए संस्तुति कर दी और कार्यालय में कार्यरत राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने उसका अंकन कंप्यूटर में करने का आदेश जारी कर दिया।
लेखपालों की लापरवाही से नाराज एसडीएम ने दोनों लेखपालों को सस्पेंड करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए डीएम डॉ. राम मनोहर मिश्र के पास पत्रावली भेज दी है। एसडीएम की कार्रवाई से राजस्व महकमे में हड़कंप मचा है।