सुल्तानपुर। जिले में गुरुवार देर शाम बरसात के बीच ओले गिरने से एक दिव्यांग की मौत हो गई जबकि पड़ोसी की दीवार ढहने से अधेड़ ने दम तोड़ दिया। दो मौतों की सूचना मिलते ही शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से बात की। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत के तहत सहायता दिलाने की बात कही है।
पहली घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र के नरसड़ा गांव की है। गांव निवासी दिव्यांग सुरेंद्र कुमार (23) अपने ननिहाल में मां सीता देवी के साथ रहता था। दिव्यांग सुरेंद्र किसी तरह भरण-पोषण करता था। बृहस्पतिवार को सुरेंद्र घर से निकला था। सुरेंद्र देर शाम घर लौट रहा था।
रास्ते में वह आदमपुर गांव के जंगल के पास पहुंचा था तभी तेज आंधी व बरसात में फंस गया। जब तक वह किसी सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचता अचानक ओले गिरने लगे। जान बचाकर सुरेंद्र भागा, लेकिन लड़खड़ाकर एक खेत में मुंह के बल गिर पड़ा।
इससे उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह खेत जा रहे लोगों ने सुरेंद्र का शव खेत में औंधे मुंह पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही मौके पर नायब तहसीलदार बल्दीराय अमर नाथ पाल, राजस्व निरीक्षक देवी प्रसाद तिवारी पुलिस के साथ पहुंच गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
नायब तहसीलदार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सुरेंद्र की मां सीता देवी को दैवीय आपदा राहत के तहत चार लाख रुपये दिए जाएंगे। दूसरी घटना कुड़वार थाना क्षेत्र के पटखापुर प्रतापपुर गांव की है। गांव निवासी रामदेव कोरी (45) की भैंस पड़ोसी ओम प्रकाश दूबे के दीवार के सहारे बंधी थी।
बृहस्पतिवार की देर शाम तेज आंधी-पानी के बीच रामदेव भैंस को खूंटे से खोल रहा था। अचानक दीवार भर-भराकर ढह गई। रामदेव दीवार के मलबे में दब गया। परिवारीजनों के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने दीवार के मलबे को जब तक हटाया रामदेव और भैंस की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने हादसे की सूचना यूपी 112 के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को दी। शुक्रवार को पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। नायब तहसीलदार सदर शिव नरेश सिंह व राजस्व निरीक्षक केशरी प्रसाद मिश्र भी गांव पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार सदर ने बताया कि पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष के तहत मदद दी जाएगी।