मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। हमजाबाद गांव के राजकीय नलकूप की नालियां मरम्मत के महज छह माह बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं। नालियां टूटने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों ने नाली के मरम्मत कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है।
हमजाबाद गांव स्थित राजकीय नलकूप की नालियों की मरम्मत में अनियमितता का आरोप लगाते हुए किसानों ने कहा कि ठेकेदार ने पुरानी क्षतिग्रस्त नाली का न प्लास्टर उखड़वाया और न ही डीपीसी डाली थी। नतीजा यह हुआ कि छह-सात माह में ही कई जगहों से प्लास्टर टूट गया। नलकूप का पानी 50 मीटर जाना भी मुश्किल हो गया। नलकूप के पूरब की नाली एक जगह पांच से सात मीटर टूट कर बह गई। ग्राम प्रधान ने यहां पाइप लगवाया, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी। हालत यह है कि नलकूप चलते ही सारा पानी आसपास के खेतों में भर जाता है। खेतों में बार-बार पानी भरने से वहां की फसलें खराब हो रही हैं।
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क्या कहते हैं किसान
किसान हरिशंकर सिंह का कहना है कि बार-बार पानी भरने से फसल बर्बाद हो रही है। पंकज शुक्ल का कहना है कि मरम्मत के पहले किसी तरह खेत तक पानी पहुंच जाता था। मरम्मत के बाद जगह-जगह नालियां धंस गई हैं। अब खेत तक पानी नहीं पहुंच रहा है। महेश यादव ने बताया कि ठेकेदार ने नाली मरम्मत में औपचारिकता निभाई थी। प्रधान प्रतिनिधि अनिल सिंह ने बताया कि जून 2024 में विभाग ने नाली की मरम्मत कराई थी। मरम्मत के नाम पर सिर्फ पैसा निकाला गया है।
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जून 2024 में नहीं हुआ था मरम्मत कार्य
नलकूप विभाग के जेई विकास प्रजापति का कहना है कि नलकूप की नालियों का अंतिम मरम्मत कार्य दिसंबर 2022 में दो लाख रुपये की लागत से कराया गया था। उन्होंने जून 2024 में मरम्मत कार्य से इंकार किया।