मंगलवार सुबह परिसर में मौजूद सभी छात्रों को पुलिस बल की मौजूदगी में इलाहाबाद भेजने की सूचना मिलते ही सभी 75 कर्मचारी परिसर में आ गए। कर्मचारियों ने गेट पर जमकर हंगामा किया। कर्मचारी संघ अध्यक्ष जगन्नाथ पांडेय का कहना है कि संस्थान के ऐसा करने से सभी कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। कहा कि 12 अगस्त से सभी कर्मचारी परिसर में धरने पर बैठेंगे। यदि उन्हें नौकरी से निकाला गया तो वे उग्र प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
जरूरत पड़ी तो वे न्यायालय का भी सहारा लेंगे। विदित हो कि 15 अप्रैल वर्ष 2005 को तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री व सांसद राहुल गांधी ने टीकरमाफी में ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के कैंपस शाखा की आधारशिला रखी थी।
29 जुलाई से यहां क्लास शुरू कर दी गई थी। अब तक यहां सात बैच पढ़ाई पूरी कर चुका है। वर्ष 2005 से अब तक कैंपस शाखा में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए रोजाना इलाहाबाद से प्रोफेसर टीकरमाफी आते थे। संस्थान के एमडी ने इलाहाबाद में बतौर असिस्टेट प्रोफेसर तैनात संजय सिंह को टीकरमाफी की कैंपस शाखा का प्रभारी नियुक्त किया था।
कैंपस शाखा को बंद करने का पहले ही हो गया था निर्णय
टीकरमाफी में संचालित ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की कैंपस शाखा को बंद करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। यहां प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया जून माह से प्रारंभ हो जाती थी और जुलाई से कक्षाएं प्रारंभ हो जाती थीं। इस बार प्रथम वर्ष के छात्रों का प्रवेश कैंपस शाखा में नहीं लिया गया था। इससे कैंपस शाखा के बंद होने की आशंका जताई जा रही थी।
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