आंधी-पानी के दौरान खराब हुआ पारेषण के 220 केवी उपकेंद्र का 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर चौथे दिन भी नहीं ठीक हो सका। पारेषण के बुलावे पर कंपनी के इंजीनियर ट्रांसफार्मर की खामीं को देखने पहुंच गए हैं। शाम तक कंपनी के इंजीनियरों को भी सफलता नहीं मिल सकी। ट्रांसफार्मर नहीं बनने से जिले की 20 लाख की आबादी को चौथे दिन भी रोस्टिंग में सप्लाई मिली।
मंगलवार की शाम आंधी के साथ हुई बारिश में खराब हुआ पयागीपुर स्थित पारेषण के 220 केवी उपकेंद्र का 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर चौथे दिन भी ठीक नहीं हो सका। पारेषण के इंजीनियरों के बुलावे पर शुक्रवार को पहुंचे कंपनी के इंजीनियरों ने दिन भर फॉल्ट को ठीक करने की कोशिश की लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। कंपनी के इंजीनियरों की जांच में प्रथम दृष्टया पारेषण की लापरवाही सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक पारेषण के इंजीनियरों की ओर से उचित देखरेख नहीं किए जाने की वजह से पावर का ट्रांसफार्मर को क्षति पहुंची है। भारी नुकसान की वजह से वारंटी अवधि के नाते कंपनी को उसे चेंज करना पड़ सकता है। फिलहाल कंपनी के इंजीनियर उसे ठीक करने में जुटे हैं। चौथे दिन भी ट्रांसफार्मर नहीं ठीक होने से पारेषण द्वारा एक बचे हुए ट्रांसफार्मर से वितरण खंड के उपकेंद्रों को बारी-बारी से बिजली दी जा रही है।
रोस्टिंग में बिजली मिलने से वितरण खंड पूरी आपूर्ति उपभोक्ताओं को नहीं दे पा रहा है। इसकी वजह से जिले की करीब 20 लाख की आबादी प्रभावित है। अधीक्षण अभियंता कपिल देव ने बताया कि कंपनी के इंजीनियर पहुंच गए हैं। ट्रांसफार्मर अभी ठीक नहीं हो पाया है।