सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञानकुंज विवेकानंदनगर के शिशु मंदिर सभागार में रविवार को सुल्तानपुर संकुल के गणित व विज्ञान वर्ग का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया। उद्घाटन समारोह में प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान पिपासु बनाने में आचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा ज्ञान प्राप्त करने की एक प्रक्रिया है।
उन्होंने आचार्यों को मात्र उत्प्रेरक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। पंचपदी शिक्षण पद्धति और ज्ञानेंद्रियों तथा कर्मेन्द्रियों के विकास पर भी चर्चा की। इससे पहले, प्रधानाचार्य और सुल्तानपुर संकुल प्रमुख राकेश मणि त्रिपाठी ने प्रशिक्षण की प्रासंगिकता बताई। इसके उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। गणित विषय के प्रशिक्षक डॉ. जेएन मिश्र ने गणितीय गणनाओं और सूत्रों की सूक्ष्म व्याख्या की। विज्ञान विषय के प्रशिक्षक शैलेंद्र चतुर्वेदी ने आधुनिक शिक्षण तकनीकों और प्रायोगिक गतिविधियों पर जोर दिया।
केंद्रीय विद्यालय अमहट के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता अभिषेक तिवारी और विज्ञान शिक्षिका उर्मिला ने विज्ञान विषय में नवाचार संदर्भित प्रशिक्षण दिया। रसायन विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. शशांक श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अवधारणा के अनुरूप विज्ञान विषय के शिक्षण के गुण सिखाए। इस मौके पर विद्या भारती के पूर्णकालिक कार्यकर्ता सुमंत पांडेय, सुल्तानपुर संकुल के प्रशिक्षण प्रमुख ब्रह्मनारायण शुक्ल, विज्ञान प्रमुख द्वारिका नाथ पांडेय और गणित प्रमुख अखिलेश सिंह उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य युगल किशोर, रेनू सिंह, दिलीप सिंह, पूनम सिंह, ऊषा सिंह तथा वरिष्ठ आचार्य अनिल कुमार पांडेय और शरद श्रीवास्तव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।