लखनऊ-वाराणसी रेल ट्रैक पर गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बहने वाले लोदी नाला पर अरसा पूर्व पुल का निर्माण कराया गया था। समय के साथ इस पुल संख्या 429 ए में लगे लोहे के स्लीपर खराब होने से पुल जर्जर हो गया है। पुल में लगे लोहे के तकरीबन सभी स्लीपर जंक की चपेट में आकर खराब हो चुके हैं। मामला उजागर होने के बाद स्थानीय रेल प्रशासन ने बीते दिनों इसकी जानकारी डीआरएम कार्यालय के साथ रेल पथ संचालन विभाग को दी।
बावजूद इसके रेल महकमे ने अब तक पुल को ठीक कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पत्र व्यवहार तक नहीं किया। यह स्थिति तब है जब इस पुल से प्रतिदिन पंजाब मेल, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, नीलांचल व पद्मावत एक्सप्रेस सहित 25 जोड़ा एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के साथ 8-10 मालवाहक ट्रेनें प्रतिदिन इस जर्जर पुल से होकर गुजर रही हैं। लंबी दूरी की कई ट्रेनें ऐसी भी हैं जो हफ्ते में एक या दो दिन चलती हैं। पुल के स्लीपर जर्जर होने का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर तैनात जिम्मेदार ट्रेनों को कॉशन के सहारे अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजार रहे हैं।
गौरीगंज स्थित लोदी नाला पर बने पुल संख्या 429 ए’ के साथ ही बनी-जायस रेलवे स्टेशन के बीच स्थित पुल संख्या 470 ए’ भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इस पुल पर ट्रेनों का संचालन कॉसन पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से किया जा रहा है।
स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि पुल में लगे लोहे के स्लीपर खराब होने की सूचना विभाग को पखवारा भर पूर्व दी जा चुकी है। रेलवे के आदेश पर ट्रेनों को कॉॅशन के सहारे चलाया जा रहा है। रेल पथ निरीक्षक हीरालाल मीना ने दोनों पुल पर लगे स्लीपर के जर्जर होने की पुष्टि की। बताया कि महकमा लोहे के स्लीपर की व्यवस्था में जुटा है। जल्द ही रेल कारखाने से लोहे के स्लीपर मिलने की उम्मीद है।