जिले में रविवार को छठ (हल छठ) पर्व श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने पुत्राें की लंबी आयु के लिए व्रत रखा और छठ माता की पूजा-अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर पूजा-पाठ कर परिवार में खुशहाली की कामना की।
रविवार को छठ पर्व पर महिलाओं ने व्रत रखा। शहरी क्षेत्र की महिलाओं ने अपने घरों में छठ माता की पूजा अर्चना कर पुत्रों के दीर्घायु की कामना की। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं समूह बनाकर तालाब, पोखर, कुएं, मंदिर व घर के सामने एकत्र र्हुईं। अलग-अलग समूह में एकत्र महिलाओं ने कुश गाड़कर ढाख का पत्ता, महुआ, तिन्नी का चावल, भैंस का दूध व उससे बने दही, चंदन आदि सामग्रियों से छठ माता की पूजा अर्चना की।
समूह में जुटी महिलाओं ने बारी-बारी से छठ माता की विधि विधान से पूजा की। इसके बाद समूह की एक महिला ने सभी महिलाओं को छठ माता के महात्म्य की कथा सुनाई। पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने अपने पुत्रों की पीठ पर हल्दी की थाप मारी। पूजा स्थल पर जुटे बच्चों को महिलाओं ने पूड़ी का प्रसाद वितरित किया। व्रतधारी महिलाओं ने तिन्नी का चावल, महुआ, भैंस के दूध व दही का सेवन किया।
शहर के सीताकुंड घाट पर महिलाएं समूह में इकट्ठा होकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्र के चांदा, लंभुआ, जयसिंहपुर, दूबेपुर, कादीपुर, दोस्तपुर आदि स्थानों पर महिलाओं ने पुत्रों के दीर्घायु के लिए छठ माता की पूजा अर्चना की।