दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से शुरू हुए कोहरे व धुंध का सितम बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि शुक्रवार से जहां लोगों को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो रहे वहीं बफीर्ली हवाएं लोगों को कंपा रही हैं। कोहरे व धुंध के चलते ट्रेनें 15-20 घंटे विलंब से चल रही हैं और सड़कों पर चलने वाले वाहन रेंग रहे हैं। आवश्यक कार्य से रविवार को घर से बाहर निकलने वाले भी अलाव खोजते नजर आए।
कोहरा व धुंध का सितम घटने के बजाय प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पिछले सोमवार से शुरू हुए कोहरे का आलम यह है कि जहां लखनऊ-वाराणसी रेल ट्रैक पर चलने वाले ट्रेनें 15-20 घंटे विलब से चल रही है। वहीं सड़कों पर दिखने वाले वाहन दौडने के बजाय रेंगने को मजबूर हैं। शुक्रवार, शनिवार के बाद रविवार को भी पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। कोहरे के बीच चल रही बर्फीली हवा लोगों को कंपा रही है।
ठंड का आलम यह है कि आवश्यक कार्य से निकलने वाले भी सड़क के किनारे अलाव खोजते नजर आए। डीएम के आदेश के बावूजद रविवार को रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल, प्रमुख चौराहों पर सरकारी अलाव ठंडे दिखे। ठंड से ठिठुर रहे लोग कागज की रद्दी जलाकर ठंड से बचाव की कोशिश करते रहे।