सुल्तानपुर। स्कूल से लौट रही छात्रा से छेड़खानी व आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य आरोपों से जुड़े 14 साल पुराने मामले में दो दिन पूर्व दोषी ठहराए गए गुफरान उर्फ तैय्यब अली की सजा पर एडीजे चतुर्थ श्याम मोहन जायसवाल की अदालत ने बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अदालत ने अर्थदंड की 90 प्रतिशत रकम पीड़िता के परिजन को देने का आदेश दिया है।
अमेठी जिले के मुंशीगंज थाने के एक गांव की रहने वाली छात्रा (14) के चाचा ने 23 अप्रैल 2012 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक उनकी भतीजी के स्कूल से आते समय स्थानीय थाने के एक गांव के रहने वाले आरोपी मो. गुफरान उर्फ तैय्यब अली ने छेड़खानी की और उसकी फोटो भी बना ली। आरोपी गुफरान ने उनकी भतीजी को इतना प्रताड़ित किया कि उसने आत्महत्या कर लिया। अदालत ने मो. गुफरान को छेड़खानी व आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य अपराधों में दोषी मानते हुए दो दिन पहले जेल भेजने का आदेश दिया था। बृहस्पतिवार को दोषी गुफरान को जेल से तलब कर अदालत ने उसकी सजा पर अपना फैसला सुनाया।