सुल्तानपुर। गोसाईगंज के कारीबहार जासापारा गांव में 28 जून को हुई आजाद वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि आजाद वर्मा की मौत उसके साथी के हाथों से अवैध पिस्टल से दुर्घटनावश चली गोली लगने से हुई थी। इस मामले में घटना के बाद से गायब चल रहे दो आरोपियों को लखनऊ से पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त एसयूवी, अवैध पिस्तौल और अन्य साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं।
गत 29 जून को बादल वर्मा की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो व दी गई तहरीर पर पुलिस ने विवेचना शुरू की थी। घटनास्थल की जांच, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर सामने आया कि घटना वाले दिन आजाद वर्मा अपने तीन साथियों गांव के ही अभिषेक वर्मा पुत्र विजयबहादुर वर्मा कल्लू, अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा और अमन वर्मा के साथ अभिषेक पुत्र रामजनक की काली एसयूवी में सवार था। तभी अवैध पिस्तौल चलाने के प्रयास में अभिषेक पुत्र विजयबहादुर के हाथ से दुर्घटनावश फायर हो गया।
गोली पहले सीट को आर-पार करती हुई आजाद वर्मा की कमर में जा धसीं। गोली लगने के बाद चारों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद घायल आजाद को लेकर तीनों आरोपी गांव और आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक घूमते रहे। पुलिस के मुताबिक खून अधिक बहने पर उसे लेकर सुल्तानपुर लेकर पहुंचे। वहां से पुलिस को सूचना देने के बाद इलाज के लिए लखनऊ रवाना हो गए। तभी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कराया गया, जिससे घटना को अलग रूप देने का प्रयास किया गया। विवेचना के दौरान आरोपियों के भागने की पुष्टि हुई।
बुधवार की रात पुलिस को सूचना मिली कि दोनों अभिषेक लखनऊ के पीजीआई के स्थित वृंदावन योजना सेक्टर-16 में छिपे हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर पखरौली बाईपास रेलवे ओवरब्रिज के पास खड़ी घटना में प्रयुक्त काली एसयूवी भी बरामद कर ली गई। फील्ड यूनिट को एसयूवी की जांच में घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस और खून के निशान मिले हैं। साथ ही चालक सीट के बगल वाली सीट पर गोली के निशान भी मिले हैं।
कादीपुर सीओ विनय गौतम ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों की रिमांड स्वीकार करते हुए उन्हें 20 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। घटना में आरोपी अमन वर्मा पुलिस की पकड़ से अभी दूर है। उसकी तलाश की जा रही है।