सुल्तानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने शनिवार करीब 13 साल पुराने शिवजी तिवारी हत्याकांड में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दो सगे भाई समेत तीन हत्यारोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है। एडीजे कोर्ट के इस फैसले से हत्यारोपियों को बड़ी राहत मिली है।
कुड़वार थाने के शिववंश दूबे का पुरवा निवासी वादी श्यामजी तिवारी ने तीन दिसंबर 2012 के रात की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक उनके भाई शिवजी घटना के दिन सब्जी लाने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक नहीं लौटे। अगले दिन सुबह उद्यान विभाग के अमरूद के पेड़ से उनका शव लटका मिला। वादी ने भूमि विवाद की रंजिश में गांव के आरोपी सगे भाई रूपनारायन तिवारी व राजनरायन तिवारी व सह आरोपी दीप नरायन के खिलाफ अपने भाई की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराया था।
तफ्तीश के दौरान विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने का दावा करते हुए उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई किया। विवेचक ने चार्जशीट भी कोर्ट में पेश किया। इस मामले का ट्रायल एडीजे प्रथम की अदालत में चल रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।