सुल्तानपुर। केंद्रीय विद्यालय के छात्र विकास राजपूत की नौ साल पूर्व हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को एडीजे चतुर्थ निशा सिंह की अदालत ने दोषियों की सजा पर फैसला सुनाया। अदालत ने आपराधिक षडयंत्र व हत्या के अपराध में तीनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि कुल 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। ˘
वहीं, दोषी अनस खां को आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अमेठी जिले के कमरौली थाना क्षेत्र के केंद्रीय विद्यालय के छात्र विकास राजपूत की 15 अगस्त 2016 को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्यालय जाते समय एक स्कूल के पास स्थित पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेटे की हत्या के संबंध में बीएचएल में सहायक अभियंता पद पर तैनात थाना जगदीशपुर के कारीडीह जलालपुर तिवारी निवासी प्रेमलाल ने कमरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
वारदात को अंजाम देने के पीछे बर्थडे पार्टी के दौरान विकास राजपूत एवं आरोपियों के बीच विवाद की बात सामने आई थी। इस मामले से जुड़े एक किशोर अपचारी के खिलाफ पुलिस ने किशोर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
वहीं, जगदीशपुर थाने के पालपुर घोसियाना निवासी आरोपी मो. अफजल, एएच इंटर कालेज के निकट के निवासी मो. अकील व कस्बा निहालगढ़ निवासी अनस खां उर्फ सोनू उर्फ डॉक्टर के खिलाफ सेशन कोर्ट में आरोपपत्र पेश किया गया था। इस मामले का ट्रायल एडीजे चतुर्थ की अदालत में चला। अदालत ने बृहस्पतिवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की थी। अदालत ने शुक्रवार को तीनों दोषियों की सजा पर अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।