सुल्तानपुर। देश की लीडिंग कैश मैनेजमेंट कंपनी के पांच एजेंटों ने ही कंपनी को लाखों का चूना लगा दिया था। कंपनी के सहायक मैनेजर की तहरीर पर कूरेभार थाने में सितंबर माह में पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया था। प्रकरण में फरार चल रहे एक और आरोपी को साइबर सेल व कूरेभार थाने की पुलिस ने पकड़ा है। उसके पास से एक लाख रुपये बरामद हुए हैं।
कैश मैनेजमेंट कंपनी सिक्योर वैल्यू इंडिया लिमिटेड के लखनऊ व सुल्तानपुर ब्रांच के सहायक मैनेजर सचिन त्रिपाठी ने सितंबर में कूरेभार थाने में धनपतगंज थाने के फतेहपुर निवासी जयशंकर तिवारी, कूरेभार थाने के धनजई भैंसा गांव निवासी संजीव सिंह, आशीष पांडेय निवासी ढखवा कोतवाली नगर, अनूप कुमार यादव निवासी सराय मानकपुर पोस्ट संडीला जिला हरदोई व रोहित सिंह निवासी कंचननगर शुक्लागंज उन्नाव के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
इन सभी पर आरोप था कि ये लोग पहले कैश मैनेजमेंट कंपनी में एजेंट के रूप में कार्य करते थे। तीन जुलाई से 10 अगस्त के बीच लखनऊ में बैंक ऑफ बड़ौदा की अलग-अलग स्थानों पर स्थित छह बीएनए मशीनों के साॅफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर काफी रकम निकाल ली थी। बैंकाें की जांच में इसका खुलासा हुआ था।
सितंबर में कूरेभार थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जयशंकर तिवारी व संजीव सिंह को पकड़ लिया था। उन दोनों के पास से साढ़े छह लाख रुपये व पिस्टल बरामद की गई थी। इस मामले में फरार चल रहे अनूप कुमार यादव निवासी सराय मानकपुर थाना संडीला जिला हरदोई को मुजेश तिराहे के पास से साइबर सेल व कूरेभार थाने की पुलिस ने पकड़ा। साइबर सेल प्रभारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि अब तक कुल 12.50 लाख रुपये की बरामदगी हुई है।