सुल्तानपुर। होली करीब आते ही बाजारों की रौनक बढ़ गई है। चिप्स, पापड़, नमकीन व किराना की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लग रही है। होली की मिठास बढ़ाने के लिए देशी घी से निर्मित गुझिया की बिक्री बढ़ गई है। विभिन्न वेराइटी की देसी घी से बनने वाली गुझिया बाजार में 680 से लेकर 1500 रुपये प्रति किलो के भाव से बेची जा रही है। सोने का वर्क लगी एक पीस गुझिया की कीमत 900 रुपये है।
होली पर सप्ताहभर पहले ही लोग आर्डर देने लगते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राम किशोर त्रिपाठी बताते हैं कि विधि-विधान से होलिका दहन करना फलदायी होता है। ऐसा करने वाले लोग भगवान विष्णु की कृपा के पात्र होते हैं। शहर व ग्रामीण अंचल की बाजारों में होली की खरीदारी के लिए मंगलवार को लोगों की भीड़ रही। घर के बड़े-बुजुर्ग बच्चों के लिए उनके मनपसंद की पिचकारी, होली खेलने के लिए कपड़े, टोपी व रंग की खरीदारी की।
लुभा रहे नई सुगंध वाले गुलाल
लेमन ग्रीन, एप्पल, स्ट्राबेरी, बनाना व आरेंज सुगंध में मौजूद गुलाल इस बार होली को रंगीन बनाने के साथ त्वचा को सुरक्षित भी रखेंगे। शहर के चौक इलाके में रंगों और पिचकारियों की दुकान लगाने वाले जमुना प्रसाद कसौंधन बताते हैं कि इस बार यहां अबीर का सिलिंडर आया है। साढ़े छह किलो वजन के इस सिलिंडर में एक ही बार में सुगंध वाली अबीर निकलेगी। इसकी कीमत 1150 रुपये हैं। इसके अलावा मिसाइल अबीर भी है। इसमें आग लगाने से जमीन से काफी ऊंचाई से अबीर की वर्षा होगी। यह 300 रुपये में है। मिसाइल अबीर की लोग खरीदारी भी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य को ध्यान में रख वर्क खाया जाता है
शहर के बस स्टेशन स्थित मिष्ठान की दुकान के संचालक राजन गुप्ता ने बताया कि होली के लिए गुझिया देसी घी से बनाई गई है। सोने का वर्क लगी स्पेशल गुझिया की कीमत 900 रुपये प्रति पीस है। कहा कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सोने का वर्क खाया भी जाता है। देसी घी से बनने वाली गुझिया 680 रुपये प्रति किलो से शुरू है। बताया कि सोना महंगा होने की वजह से इस बार सोने का वर्क लगी गुझिया 900 रुपये प्रति पीस बिक्री की जा रही है। देसी घी से निर्मित गुझिया के रेट में पिछले साल की अपेक्षा 15 फीसदी वृद्धि हुई है।