सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान का पेपर मंगलवार को हुआ। साथ ही हाईस्कूल में अनिवार्य विषयों की परीक्षा संपन्न हो गई। अब 12 मार्च को हाईस्कूल क्षेत्रीय भाषाओं, आपदा प्रबंधन व तकनीकी ट्रेड की परीक्षा होगी। इन वैकल्पिक विषयों के परीक्षार्थी कम हैं। अनिवार्य पेपर की टेंशन खत्म होने और पेपर अच्छा जाने से विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी।
कुड़वार के एक परीक्षा केंद्र से निकली हाईस्कूल की छात्रा रिया तिवारी ने बताया कि उनकी परीक्षाएं आज समाप्त हो गई हैं। सामाजिक विज्ञान का पेपर काफी अच्छा गया। जनसंख्या नियंत्रण व अन्य प्रकार के मुख्य प्रश्न पूछे गए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें सिर्फ रिजल्ट का इंतजार है।
छात्र आयुष ने बताया कि पेपर में देश का विकास अधिकार किस तरह निर्धारित किया जाता है, भारत में कौन केंद्रीय सरकार की तरफ से करेंसी नोट जारी करता है, काली मिट्टी में कौन सी फसल उगाई जाती है, दूध उत्पादन प्रक्रिया को किस क्षेत्र में शामिल किया जाता है... जैसे विभिन्न प्रकार के सरल बहु विकल्पीय प्रश्न पूछे गए।
भारत में कितने राष्ट्रीय राजनीतिक दल हैं...
जीआईसी से परीक्षा देकर निकले छात्र अनमोल सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र में भारत में कुल कितने राष्ट्रीय राजनीतिक दल है, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना किस वर्ष हुई थी, वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं, आर्थिक गतिविधियों को कितने क्षेत्र में बांटा गया है, गैर परंपरागत संसाधन किसे कहते हैं... जैसे प्रश्न पूछे गए। जीजीआईसी से परीक्षा देकर आई छात्रा शिवांगी ने बताया कि प्रश्नपत्र में वह स्थान जहां गांधी जी ने नमक बनाना शुरू किया था, वह जनपद जहां जलियांवाला कांड हुआ था..., जैसे प्रश्न को मानचित्र में दर्शाने के लिए दिया गया था।
सामाजिक विज्ञान में 2326 विद्यार्थी अनुपस्थित
परीक्षा प्रभारी जितेंद्र दुबे ने बताया कि मंगलवार को पहली पाली में हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान की परीक्षा हुई। पंजीकृत 39306 विद्यार्थियों में से 36980 ने परीक्षा दी, जबकि 2326 अनुपस्थित रहे। इंटर के व्यावसायिक में पंजीकृत 626 के सापेक्ष 602 ने परीक्षा दी और 24 ने किनारा किया। दूसरी पाली में हाईस्कूल सिलाई में पंजीकृत 11 में से नौ ने परीक्षा में हिस्सा लिया और दो अनुपस्थित रहे। इंटर संस्कृत व कृषि में 4716 पंजीकृत के सापेक्ष 4459 ने परीक्षा दी, जबकि 257 गैर हाजिर रहे। डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि चार सचल दस्तों ने परीक्षा में छापेमारी की। कोई नकलची नहीं पकड़ा गया।