अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज में छात्राओं को डिग्री दिलाने के नाम पर हुए फर्जीवाड़े के छह आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस अभी तक सिर्फ चार आरोपियों का पता खोज सकी है। अन्य दो का सिर्फ नाम ही जानकारी में है, पता नहीं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से छात्राओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
एआईपीएस में डिग्री के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के मामले में 14 सितंबर को केस दर्ज किया गया। संचालक आजम उर्फ प्रिंस सहित तीन आरोपी जेल भेजे गए। अन्य छह आरोपी अब तक नहीं पकड़े गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी रेहान और आलीशान सगे भाई हैं, जो कमरौली क्षेत्र के सिंदुरवा गांव के निवासी हैं। बृजेश संग्रामपुर के बदलापुर और शैलेंद्र अमेठी कोतवाली के रामनगर गांव का रहने वाला है। दिलीप बाजपेयी और विजय मौर्य के घर का पता खोजा जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी मोबाइल कुछ समय के लिए चालू करते हैं, फिर लोकेशन बदल कर मोबाइल बंद कर देते हैं। जब तक पुलिस पहुंचती है, तब तक वे वहां से निकल जाते हैं। आरोपी शैलेंद्र, विजय मौर्य, बृजेश, दिलीप बाजपेयी, रेहान खान और आलीशान अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। छात्रा अनुष्का, प्रिंशी, कपिल और विशाल ने आरोप लगाया कि आरोपी अब भी फोन कर पैसों की मांग कर रहे हैं।
आज सुनी जाएंगी शिकायतें
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह और डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी मंगलवार को पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज करेंगे। यह प्रक्रिया एआईपीएस के परिसर में पूरी होगी। बयान दर्ज होने के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।