शिक्षकों की लंबित समस्याओं व पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर बुधवार को परिषदीय अध्यापक सड़क पर उतर आए। उन्होंने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर शासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया, जिसमें उन्होंने सभी मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षकों की लंबित समस्याओं का निराकरण नहीं होने तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करवाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आया। संगठन के बैनर तले शहर स्थित बीएसए कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर शिक्षक हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आरपार की लड़ाई की रणनीति तैयार की।
इसके बाद जुलूस की शक्ल में शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया। जिसमें शिक्षकों ने एक अप्रैल 2005 के बाद तैनात शिक्षकों को पुरानी पेंशन से आच्छादित करने, कैशलेस चिकित्सा की सुविधा प्रदान करने, मृतक आश्रितों को शिक्षक पद पर नियुक्त करने तथा सात दिसंबर को लाठीचार्ज में मृत शिक्षक रामाशीष के परिवार के दो लोगों को नौकरी तथा मुआवजा देने सहित आठ मांगें जल्द पूरी करने की मांग की है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र, राज बहादुर शर्मा, शंशाक शुक्ल, अरुण कुमार सिंह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, श्रीराम सोनी व विवेक शुक्ल आदि मौजूद रहे।