ब्लड सैंपल कक्ष के सामने कतार में खड़े मरीज।
सुल्तानपुर। मेडिकल काॅलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इंतजार भारी पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन, ओपीडी में इलाज, जांच और दवा लेने में पूरा दिन गुजर जा रहा है। जांच रिपोर्ट भी दूसरे दिन आती है, जिससे इलाज में देरी भी होती है। भीड़ बढ़ने पर और भी समय लग जाता है।
मरीज को सबसे पहले परचा बनवाने के बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन लगाना पड़ता है। चिकित्सक ने जांच लिखा तो लैब बार कोडिंग काउंटर पर जाकर मरीजों को पंजीयन कराना जरूरी है। ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद भी काउंटर पर लंबी लाइन रहती है, यहां पर मरीज का सारा रिकाॅर्ड कंप्यूटर में फीड़ करने में काफी समय लग जाता है। यहां से मरीज को सैंपल वायल पर बार कोड चस्पा कर नमूना लेने के लिए भेज दिया जाता है।
ब्लड सैंपल देने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए दूसरे दिन आना पड़ता है। इतनी लंबी प्रकिया पूरा करते हुए मरीज हांफने लगता है। मरीजों की भीड़ होने से हर जगह लाइन लगानी पड़ती है। शुक्रवार को इलाज कराने आए राम भवन ने बताया कि पिता की सांस फूल रही है। चिकित्सक ने जांच लिखी है। रिपोर्ट दूसरे दिन मिलने से इलाज भी अगले दिन से ही शुरू हो पाएगा। फुरकान ने बताया कि सुबह 10 बजे से यहां आए हैं। परचा बनवाने के बाद जांच कराने व दवा लेने में दोपहर एक बज गए हैं। इसके बाद भी रिपोर्ट के लिए कल आना होगा।
बढ़ाया जाएं काउंटर, तो मरीजों को मिले राहत
शिक्षक सुनील सिंह ने बताया कि लैब बार कोड़िग पर मरीजों का पंजीयन कराने व सैंपल वायल की व्यवस्था को और सुचारू बनाया जाना चाहिए। बार-बार लाइन में लगने की प्रक्रिया से छुटकारा दिलाने के लिए अस्पताल प्रशासन को प्रयास करने चाहिए। दवा वितरण की व्यवस्था बहुत ही खराब है, यहां सभी काउंटर संचालित हों तो मरीजों को राहत मिले।
सुधारी जाएगी व्यवस्था
मरीजों की संख्या बढ़ने से जांच व दवा लेने वाले काउंटर पर भीड़ बढ़ जाती है। हालांकि मरीजों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए स्टॉफ को निर्देशित किया गया है। इसके बाद भी समस्या आ रही है, तो व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज